खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर कटनी--पर्यावरण सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बीच कटनी के सलैया (देवरी हटाई) क्षेत्र में एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की गाइडलाइंस में रेड कैटेगरी यानी अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों की श्रेणी में शामिल एथेनॉल उत्पादन इकाई विनस एग्रो फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड पर नियमों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी से निकलने वाले स्पेंट वॉश (औद्योगिक अपशिष्ट) का खुले स्थानों और आसपास की सफेद मिट्टी की खदानों में अवैध तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में दुर्गंध, प्रदूषण और कृषि भूमि पर खतरे को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।कागजों में जीरो डिस्चार्ज, जमीन पर फैलता प्रदूषण?एथेनॉल और डिस्टिलरी उद्योगों के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) व्यवस्था अनिवार्य मानी जाती है, जिसके तहत औद्योगिक अपशिष्ट को खुले में छोड़ा नहीं जा सकता।लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि सलैया क्षेत्र में तस्वीर इसके उलट नजर आ रही है। आरोप है कि:खदानों और खुले क्षेत्रों में स्पेंट वॉश डाला जा रहा है।बारिश के दौरान यह अपशिष्ट बहकर खेतों और जल स्रोतों तक पहुंचने का खतरा बना हुआ है।आसपास के गांवों में बदबू और प्रदूषण से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चल रही इस समस्या के बावजूद संबंधित विभागों की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।जनसुनवाई में शिकायत, फिर भी कार्रवाई पर उठे सवालपीड़ित किसानों ने 21 जुलाई 2026 को कटनी कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में शिकायत क्रमांक 80 दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं में रविकान्त राय, विजय कुमार राय, सूरज प्रसाद राय, राजाराम राम, राजेन्द्र राम, प्रमोद राम और अवनी कान्त राय सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।शिकायत में मांग की गई थी कि:राजस्व, स्वास्थ्य और कृषि विभाग की संयुक्त टीम मौके का निरीक्षण करे।स्पेंट वॉश के नमूने लेकर वैज्ञानिक जांच कराई जाए।नियमों के उल्लंघन पर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।खुले में अपशिष्ट निस्तारण पर तत्काल रोक लगाई जाए।निरीक्षण पर भी उठे सवाल, पंचनामा कार्रवाई बनी चर्चा का विषयशिकायत के बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम ने निरीक्षण के नाम पर केवल पंचनामा तैयार कर औपचारिकता पूरी कर दी।शिकायतकर्ताओं के अनुसार, मौके पर करीब 50 ट्रॉली स्पेंट वॉश खुले क्षेत्र में डाले जाने की बात सामने आई थी, जबकि निरीक्षण टीम द्वारा तैयार पंचनामे में कथित रूप से केवल 10 से 20 ट्रॉली अपशिष्ट का उल्लेख किया गया।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वास्तविक स्थिति और सरकारी कार्रवाई के आंकड़ों में अंतर है और मामले को गंभीरता से लेने के बजाय औपचारिकता निभाई जा रही है।ग्रामीणों का सवाल: आखिर किसके दबाव में कार्रवाई धीमी?अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो रेड कैटेगरी उद्योग पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था केवल कागजी निरीक्षण तक सीमित रह गई है?ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्पेंट वॉश के निस्तारण पर रोक नहीं लगाई गई और निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।फिलहाल मामला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कार्रवाई पर टिका है। अब देखना होगा कि जांच केवल पंचनामे तक सीमित रहती है या प्रदूषण के आरोपों पर ठोस कदम उठाए जाते हैं। शिकायत कर्ता का आरोप मौके पर जाँच करने पहुंचे अधिकारियो ने शिकायत मौके पर नहीं बुलाया नहीं सूचना दी जिम्मेदार विभाग कर रहा कार्यवाही से परहेज
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट मो. 9131308097









