उमरिया/केजी पांडेय/खबर डिजिटल/ जिले में अवैध रेत खनन को लेकर चल रही कार्रवाई के बीच सियासत और आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। पर्यावरणविद एवं अधिवक्ता अच्युत सुरेंद्र सिंह परिहार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासनिक सख्ती का खुलकर समर्थन किया और रेत माफियाओं पर गंभीर आरोप लगाए।
प्रशासनिक सख्ती से बौखलाए रेत माफिया
प्रेस वार्ता के दौरान परिहार ने कहा कि जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन और पुलिस द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई से बौखलाए माफिया अब अनशन और आंदोलन की आड़ लेकर जनभावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं।
कंपनी पर दबाव, नाकामी के बाद आंदोलन
परिहार के अनुसार, रेत माफियाओं ने पहले उमरिया में रेत खनन का कार्य देख रही कंपनी महाकाल मिनरल पर अनुचित लाभ लेने का दबाव बनाया। जब उनकी मांगें पूरी नहीं हुई, तो उन्होंने तथाकथित आंदोलन और अनशन का रास्ता अपनाया।
नदी बचाओ आंदोलन पर उठाए सवाल
उन्होंने बताया कि मानपुर जनपद के ग्राम पड़वार में हरफल एवं भदार नदी के संगम स्थल पर नदी बचाओ आंदोलन के नाम पर गतिविधियां की जा रही हैं। इस अनशन में शामिल रवि सेन पर अवैध रेत चोरी सहित दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं रामायण तिवारी पर खनिज विभाग द्वारा अवैध रेत खनन और परिवहन के मामले में 2 करोड़ 38 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश पहले ही पारित हो चुका है।
कड़ी कार्रवाई की मांग
पर्यावरणविद परिहार ने कहा कि आंदोलन की आड़ में सक्रिय ये लोग असामाजिक और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध रेत खनन पर प्रभावी रोक लगे और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिले।









