Hari Singh Dangi passes away : मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के सबसे समर्पित जनसंघ के जमाने के कद्दावर नेता हरि सिंह दांगी का आज निधन हो गया है। हरि सिंह दांगी न केवल भाजपा के दिग्गज नेता थे, बल्कि वे दांगी समाज के भी वरिष्ठ नेता थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन संगठन के विस्तार के लिए समर्पित कर दिया था। उनके निधन की खबर आते ही पूरे मध्य प्रदेश भाजपा संगठन और विदिशा जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।
अटल युग के सारथी थे दांगी
हरि सिंह दांगी की राजनैतिक यात्रा और पार्टी में उनकी पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय से ही राजनीति में सक्रिय रहे। जब देश में दक्षिणपंथी राजनीति संघर्ष के दौर से गुजर रही थी, तब उन्होंने पहले जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी के विचारों को गांव-गांव और घर-घर पहुंचाने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। उनकी पहचान पूरे प्रदेश में खाटी कार्यकर्ता के रूप में थी।
शिवराज, मोहन के निकले आंसू!, दी श्रद्धांजलि
वरिष्ठ नेता के निधन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों समेत प्रदेश भाजपा के दिग्गज नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। प्रदेश में मुखिया मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि वरिष्ठ नेता हरि सिंह दांगी जी का निधन न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी, बल्कि पूरे विदिशा क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। दुःख की इस अत्यंत कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में उच्च स्थान प्रदान करें। ॐ शांति।"
वही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है कि विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र के हमारे वरिष्ठ साथी, जनसंघ और भाजपा के कर्मठ सिपाही हरि सिंह दांगी के जाने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। अटल जी के समय से निरंतर सक्रिय रहकर उन्होंने संगठन के विचारों के प्रसार हेतु समर्पित भाव से कार्य किया। उनका जाना क्षेत्र के लिए एक बड़ा शून्य छोड़ गया है। शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।
अध्यक्ष खंडेलवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि विदिशा के वरिष्ठ भाजपा नेता हरि सिंह दांगी के निधन की खबर अत्यंत दुःखद है। उनके जाने से पार्टी ने जमीनी स्तर का एक बेहद मजबूत नेता और सच्चा मार्गदर्शक खो दिया है। मैं शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे परिजनों को यह भारी वज्रपात सहन करने का संबल दें। ॐ शांति









