सीहोर/संजय त्यागी/खबर डिजिटल/ पद की लालसा ओर नेतागिरी में करियर और नेताओ की आंख का तारा बनने की लालसा पाले युवा कार्यकर्ताओं को न तो परिवार की ओर न ही व्यवसाय की फिक्र है,कार्यकारणी में स्थान पाने की होड़ में अपने नेताओं के आश्वाशन पर युवा कार्यकर्ता कुछ भी करने को आतुर रहते है, और जब पद नही मिलता तो हंसी का यात्र बनते है और फिर शुरू होता है मानसिक कष्ट, जो बाद में डिप्रेशन में तब्दील हो जाता है ऐसे में सिर्फ परिजन ही काम आते है। जीहां ये कहानी है सीहोर के बीजेपी नेता मनोज शर्मा की।
वार्ड नंबर 6 में रहते हैं मनोज शर्मा
नगर के वार्ड नंबर 6 में रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता मनोज शर्मा जी जान से रात दिन पार्टी के लिए कार्य करते रहे, नेताओ ने भी मनोज शर्मा को जिला कार्यकारणी में उचित पद का भरोसा दिलाया, युवा नेता मनोज शर्मा नेताओ से आश्वाशन के बाद पूरे दमखम ओर उत्साह से पार्टी का काम करने लगे किसी भी वरिष्ठ नेता का जन्मदिन हो, या फिर कोई भी सामाजिक कार्य हो, पोस्टर बेनर से लेकर कार्यक्रम तक की व्यवस्था तक का जिम्मा संभाला, मगर अबकी बार जब उन्हें जिला कार्यकारिणी में जगह नहीं दी गई तो वो डिप्रेशन में आकर अस्पताल में भर्ती हैं।
मनोज शर्मा की तारीफ करते हैं वरिष्ठ नेता
समय गुजरता गया पहले जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा के कुछ महीनों बाद जिला कार्यकारिणी की घोषणा हुई अपना नाम न पाककर मनोज शर्मा के पैरों तले जमीन खिसक गई, तत्काल आश्वाशन देने वाले वरिष्ठ नेताओं को फोन लगाना शुरू किया, किसी ने भी फोन रिसीव नही किया, तो किसी ने फोन उठाना तक ठीक नहीं समझा। नेताओ की बेरुखी ओर वादाखिलाफी के बाद मनोज शर्मा निराशा के अन्धकार के डूबने लगे, और डिप्रेशन में चले गए, जिसके बाद परिजनों को मनोज की हालत देखी नही गई, तो हॉस्पिटल में भर्ती कर इलाज करवा रहे हैं।









