अरविंद तिवारी/ खबर डिजिटल/रीवा/ शहर के सोहागी और जवा थाना क्षेत्र के बीच बीते गुरुवार एक फिल्मी हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। जिसे ग्रामीण बच्चा चोर समझकर पीट रहे थे और जिसकी कार को आक्रोशित भीड़ ने खिलौने की तरह पलट दिया, असल में वह मासूम का सगा पिता निकला। पति-पत्नी के आपसी विवाद और कानूनी खींचतान ने पूरे इलाके में घंटों तक अराजकता की स्थिति निर्मित कर दी।
विवाद और जबरन ले जाने की कोशिश
घटना की जड़ें मैहर निवासी नीरज गौतम और सोहागी के हनुमानगंज निवासी उसकी पत्नी के बीच चल रहे पुराने विवाद से जुड़ी हैं। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच तलाक हो चुका है और उनका 8 वर्षीय बेटा मां के साथ ननिहाल में रह रहा था। गुरुवार शाम नीरज अपनी कार से ससुराल पहुंचा और बच्चे को साथ ले जाने की जिद करने लगा। जब ससुराल पक्ष ने मना किया, तो विवाद बढ़ गया। इसी बीच नीरज बालक को जबरन गाड़ी में बैठाकर जवा की ओर भाग निकला।
अफवाह और ग्रामीणों का तांडव
परिजनों द्वारा पुलिस को अपहरण की सूचना दी गई, जिसके बाद पूरे जिले में नाकाबंदी कर दी गई। इसी दौरान जवा थाना क्षेत्र के जनकहाई गांव के पास नीरज की कार एक नाले में फंस गई। बच्चा चोरी की अफवाह से उत्तेजित ग्रामीणों ने कार को घेर लिया। भीड़ ने पहले बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और फिर नीरज पर टूट पड़ी। उग्र ग्रामीणों ने न सिर्फ युवक की बेरहमी से पिटाई की, बल्कि उसकी कार में तोड़फोड़ करते हुए उसे सड़क पर ही पलट दिया।
पुलिस की कार्रवाई और स्थिति
सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और भीड़ के चंगुल से युवक को छुड़ाकर हिरासत में लिया। जांच में खुलासा हुआ कि यह कोई आपराधिक अपहरण नहीं, बल्कि कस्टडी को लेकर उपजा पारिवारिक विवाद है। पुलिस ने फिलहाल घायल पिता को उपचार के लिए भेजा है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले ग्रामीणों और विवाद के मुख्य कारणों की जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।









