रीवा/खबर डिजिटल/ RTO चेक प्वाइंट पर कथित अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाने और सोशल मीडिया पर चर्चित रहे कमांडो अरुण गौतम के खिलाफ प्रशासन ने जिला बदर की कार्रवाई की है। रीवा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने पुराने आपराधिक मामलों और पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर अरुण कुमार गौतम उर्फ कमांडो को एक साल के लिए जिलाबदर करने का आदेश जारी किया है।
6 जिलों की सीमा से बाहर रहना होगा
प्रशासनिक आदेश के अनुसार अरुण गौतम को रीवा जिले के अलावा मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना और मैहर की राजस्व सीमाओं से भी एक वर्ष की अवधि तक बाहर रहना होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि के दौरान इन जिलों की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
पुलिस रिपोर्ट में कई मामलों का उल्लेख
जिला बदर की कार्रवाई के लिए पुलिस की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में अरुण गौतम के खिलाफ दर्ज पुराने प्रकरणों का हवाला दिया गया है। इनमें मारपीट, गाली-गलौज, डराने-धमकाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसे आरोपों से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा बिजली विभाग के कर्मचारियों को कथित तौर पर बंधक बनाने और RTO चेक प्वाइंट पर कर्मचारियों के काम में बाधा पहुंचाने से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया गया है। आदेश में प्रयागराज में भी उनके खिलाफ एक प्रकरण दर्ज होने की बात कही गई है।
पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरण सिंह के प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। कलेक्टर ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत जिला बदर का आदेश जारी किया है। प्रशासन ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि जिला बदर की अवधि के दौरान आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अधिनियम की धारा 14 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
2 दिन भोपाल में रहेंगे अमित शाह, 3 को गौपालक सम्मेलन को करेंगे संबोधित









