रीवा/खबर डिजिटल/ अरविन्द तिवारी/ रीवा में मुख्यमंत्री की निशुल्क शव वाहन सेवा के दावे सवालों के घेरे में हैं। संभागीय संजय गांधी अस्पताल में चार शव वाहन खड़े होने के बावजूद केवल दो चालकों की तैनाती होने से मृतकों के परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। ताजा मामले में एक महिला का शव पोस्टमार्टम के बाद करीब छह घंटे तक वाहन का इंतजार करता रहा।
गढ़ थाना क्षेत्र के लालगांव निवासी 40 वर्षीय सविता पटेल की संदिग्ध मौत के बाद पोस्टमार्टम संजय गांधी अस्पताल में हुआ। परिजनों ने शासन की निशुल्क शव वाहन सेवा की मांग की, लेकिन वाहन समय पर उपलब्ध नहीं हो सका।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा कंपनी के जिला समन्वयक से लेकर जोनल अधिकारियों तक लगातार संपर्क करने के बाद करीब छह घंटे बाद शव वाहन अस्पताल पहुंचा। परिजनों ने आरोप लगाया कि सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं। वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने स्वीकार किया कि कंपनी स्तर पर समन्वय की कमी है, जिसे जल्द दूर करने की बात कही गई है। इस घटना ने शव वाहन सेवा की व्यवस्थाओं और सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









