राणापुर/नावेद रजा/खबर डिजिटल/मुस्लिम समाज द्वारा सोमवार को नियाज़ ए इमाम जाफर ए सादिक (कुंडों का पर्व) श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में विशेष धार्मिक रौनक देखने को मिली।
सुबह से ही घर-घर में पर्व की तैयारियां शुरू हो गई थीं।समाजजनों ने प्रातःकाल खीर-पूड़ी सहित विभिन्न प्रकार के मीठे व्यंजन तैयार किए। इन व्यंजनों को परंपरानुसार मिट्टी के कुंडों में रखकर फातिहा दिलाई गई। इसके बाद नियाज़ आमजन में वितरित की गई।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन नियाज़ करने से बरकत और खुशहाली आती है।
पर्व को लेकर खासतौर पर बच्चों में विशेष उत्साह नजर आया। नन्हें-मुन्ने बच्चे नए व आकर्षक परिधानों में सज-धज कर कुंडों की नियाज़ खाने पहुंचे। दिनभर मोहल्लों में दावतों का सिलसिला चलता रहा। लोग एक-दूसरे के घर पहुंचकर खीर-पूड़ी का स्वाद लेते हुए आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते नजर आए।
उल्लेखनीय है कि इमाम जाफर ए सादिक, इमाम हुसैन के वंशज एवं मुस्लिम समाज के छठे इमाम माने जाते हैं। उनकी याद में मुस्लिम समाज द्वारा हर वर्ष रज्जब माह की 22 तारीख को नियाज़ ए कुंडे की फातिहा की जाती है। यह पर्व आपसी प्रेम, एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है।









