मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में नजर आ रहे हैं. दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं. उस समय ऐसी अटकलें थीं कि चुनाव के दौरान सामने आए भीतरघात के आरोपों के चलते पार्टी उन्हें सक्रिय राजनीति से दूर रख सकती है. हालांकि, हाल के घटनाक्रमों ने इन चर्चाओं को नई दिशा दे दी है.
ओरछा में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान सामने आई तस्वीर के बाद नरोत्तम मिश्रा को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हुई हैं. इसके बाद लगातार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी मुलाकातों की तस्वीरें सामने आ रही हैं. इन मुलाकातों को उनके राजनीतिक भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
CM मोहन यादव के साथ दिखे नरोत्तम मिश्रा
ओरछा में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐतिहासिक जहांगीर महल का दौरा किया था. इस दौरान नरोत्तम मिश्रा भी उनके साथ मौजूद रहे. खास बात यह रही कि इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी नरोत्तम मिश्रा के साथ नजर आए.
इसके बाद भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल का मिश्रा के भोपाल स्थित आवास पर पहुंचना भी चर्चा का विषय बन गया. जामवाल के अलावा कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी उनसे मुलाकात की. वहीं जनजातीय कार्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी मिश्रा से मिलने उनके निवास पहुंचे और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया.
दतिया उपचुनाव के बाद बदले समीकरण
दतिया उपचुनाव से पहले नरोत्तम मिश्रा को भाजपा टिकट का मजबूत दावेदार माना जा रहा था. इसके बावजूद पार्टी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बना दिया. टिकट कटने के बाद मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली और भाजपा कार्यालय के घेराव तक की स्थिति बन गई थी. इस घटनाक्रम के दौरान दतिया भाजपा में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आए थे.
उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद भीतरघात की चर्चाएं और तेज हो गईं. इस दौरान नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे. हालांकि, बाद में मिश्रा ने पार्टी नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखा और दतिया चुनाव से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट की.
नई जिम्मेदारी मिलने की अटकलें तेज
दतिया में भाजपा की जिला कार्यकारिणी और जिलाध्यक्ष की नियुक्ति अभी बाकी है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी नरोत्तम मिश्रा को संगठन में फिर से कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है.
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता मिश्रा के पक्ष में हैं और उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर भोपाल से दिल्ली तक विचार-विमर्श चल रहा है. हालांकि, अभी पार्टी की ओर से उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. लगातार हो रही दिग्गज नेताओं की मुलाकातों के बीच अब सबकी नजर भाजपा के अगले फैसले पर टिकी है.









