MP Weather Update: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बीते 48 घंटों से झमाझम बारिश का दौर जारी है। ऐसे लग रहा है जैसे मानसून ने अब अपना रौद्र रूप ले लिया हो…भारी बारिश के चलते प्रदेश की स्थिति का मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 10 दिनों तक एमपी में बादल छाए रहने और कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 26°C से 29°C और न्यूनतम तापमान 22°C से 24°C के आसपास रहने का पूर्वानुमान है।
एमपी का मौसम कैसा है..
एमपी के राजधानी भोपाल में 9 अगस्त की रात से तेज बारिश का दौर शुरू हुआ जो 11 अगस्त तक लगातार जारी रहा। मौसम विभाग ने जो अलर्ट जारी किया था उसी के अनुरूप मध्यप्रदेश में मजबूत मानसूनी सिस्टम बना है। जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है।
भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच पानी गिरा है। विदिशा, सीहोर और मंडला में अति बारिश होने से हालात बिगड़े हैं। आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। 12 अगस्त से एमपी के आसपास नए कम दबाव के क्षेत्र के बनने से आगामी चार दिन फिर भारी बारिश की संभावना दर्ज की गयी है। लगातार तेज बारिश से शहर तरबतर हो गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कें जलमग्न हो गयी है कई सड़क मार्ग टूट गये हैं।
एमपी के किन-किन जिलों में हो रही बारिश…
एमपी के राजधानी भोपाल समेत सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला और राजगढ़ में तेज बारिश हो रही है। जिसके चलते कई जगह सड़कें और रास्ते पानी में डूब गए, जबकि नदियों और नालों के उफान पर आने से आवागमन प्रभावित हुआ। बारिश का सबसे ज्यादा असर भोपाल में देखा गया।
मौसम अपडेट: अभी और होगी बारिश
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, 10 अगस्त को उत्तर मध्यप्रदेश और आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना था। इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय रहा, जो करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला था। मानसून की द्रोणिका भी इसी तंत्र से होकर गुजर रही थी।
इसी वजह से एमपी के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश हुई। अब उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में अगले चार दिन मध्यप्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
मौसम विभाग ने दी चेतावनी
मौसम केंद्र ने मंगलवार को नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
बारिश ने खोली पोल
मध्यप्रदेश के कई जिलों में 48 घंटे से लगातार बारिश ने मोहन सरकार के सड़क निर्माण के गुणवत्ता की पोल खोल दी है। डिंडोरी जिले में बारिश ने करोड़ों रुपये की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कठोतिया-चाबी मुख्य मार्ग से कुसेरा गांव तक सड़क निर्माण को धराशायी कर दिया है। वहीं मंडला जिले के निवास-कुंडम मार्ग पर स्थित छिताखुदरी-बिलटुकरी जलाशय में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। जलाशय में नहाने उतरा एक मजदूर अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया।
मुख्ममंत्री कर रहें बारिश की समीक्षा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगवाल को भोपाल में होम गार्ड मुख्यालय स्थित राज्य आपदा प्रबंधन स्थिति कक्ष से बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात का जायजा लिया और वीसी के माध्यम से प्रभावित लोगों से बातचीत की। समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एमपी में अब तक बाढ़ से प्रभावित 527 लोगों को बचाने और राहत कार्य बिना रुके जारी रहने की जानकारी दी। सीएम ने राहत और बचाव कार्य में लगे मैदानी कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए है।









