मध्यप्रदेश के होनहार विद्यार्थियों के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा. राज्य सरकार की 'मुख्यमंत्री स्कूटी योजना' के तहत कक्षा 12वीं में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले 7400 से अधिक मेधावी छात्रों को स्कूटी की सौगात दी गई. भोपाल के शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने कई छात्र-छात्राओं को प्रतीकात्मक रूप से स्कूटी की चाबी सौंपी और वाहन खरीद के लिए तय राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की.
स्कूटी पर सवार हुए सीएम
कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला, जब एक छात्रा अपनी नई स्कूटी पर मुख्यमंत्री को पीछे बैठाकर चलाती नजर आई. सुरक्षा नियमों का ध्यान रखते हुए सीएम खुद हेलमेट पहनकर बैठे थे, जबकि उनके सुरक्षाकर्मी स्कूटी के साथ-साथ दौड़ रहे थे. इस दौरान छात्रों का उत्साह देखने लायक था. इस आयोजन में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री विजय शाह भी उपस्थित रहे. मुख्यमंत्री ने सभी मेधावी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
योजना की पात्रता और वित्तीय मदद
राज्य सरकार की इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है. योजना का लाभ लेने के लिए कुछ तय शर्तें रखी गई हैं:
- विद्यार्थी स्कूल शिक्षा या जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल का नियमित छात्र होना चाहिए.
- छात्र ने कक्षा 12वीं की परीक्षा प्रथम प्रयास में ही कम से कम 70% अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो और अपने स्कूल में पहला स्थान प्राप्त किया हो.
- यह योजना सभी संकायों (कला, विज्ञान, वाणिज्य आदि) के विद्यार्थियों पर समान रूप से लागू होती है.
सरकार द्वारा पेट्रोल से चलने वाली मोटराइज्ड स्कूटी खरीदने के लिए अधिकतम 90 हजार रुपये और ई-स्कूटी के लिए 1.20 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.









