भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें निजी कोचिंग संस्थानों के नियमन, उद्योगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, फायर सेफ्टी, श्रम कानून, निजी विश्वविद्यालय और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे बड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
कोचिंग छोड़ने पर लौटानी होगी फीस
सरकार निजी कोचिंग संस्थान (पंजीयन एवं विनियमन) विधेयक, 2026 ला सकती है। प्रस्तावित कानून के अनुसार यदि कोई छात्र बीच में कोचिंग छोड़ता है, तो संस्थान को 10 दिन के भीतर बची हुई फीस वापस करनी होगी। इसके अलावा कोचिंग संस्थानों के पंजीयन, प्रवेश प्रक्रिया, विज्ञापन और संचालन के लिए भी नए नियम लागू किए जाएंगे।
निजी विश्वविद्यालयों के नियम होंगे आसान
सरकार निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026 भी पेश कर सकती है। इसमें भूमि समेत कई शर्तों को आसान बनाने और नई शिक्षा नीति के अनुरूप नियमों में बदलाव का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में निजी निवेश को बढ़ावा देना है।
फायर सेफ्टी के सख्त नियम
अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विधेयक, 2026 के तहत 15 मीटर से ऊंची इमारतों, बड़े स्कूलों, छात्रावासों, अस्पतालों, मॉल और व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी के सख्त मानक लागू किए जाएंगे। नियमों का पालन नहीं करने पर दंड का प्रावधान होगा। साथ ही फायर सेफ्टी टैक्स लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
श्रम कानूनों का होगा एकीकरण
मध्यप्रदेश श्रम संहिता, 2026 के जरिए अलग-अलग श्रम कानूनों को एकीकृत किया जाएगा। इससे उद्योगों के लिए नियमों का पालन आसान होगा और श्रमिकों से जुड़े प्रावधानों को भी नए ढंग से व्यवस्थित किया जाएगा।
नागरिक सुरक्षा प्रक्रिया होगी डिजिटल
सरकार मध्यप्रदेश नागरिक सुरक्षा संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 के जरिए न्यायिक और पुलिस प्रक्रियाओं को अधिक डिजिटल बनाने की तैयारी में है। इससे जांच और प्रशासनिक कार्यों में तकनीक का उपयोग बढ़ेगा।
UCC विधेयक भी हो सकता है पेश
मानसून सत्र में मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026 भी पेश किए जाने की संभावना है। प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, गोद लेना और उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी धर्मों के लिए समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान किया जा सकता है। महिलाओं और बच्चों के अधिकारों से जुड़े विशेष प्रावधान भी शामिल किए जाने की तैयारी है।
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