MP High Alert: देश की राजधानी दिल्ली और बिहार में हाल ही में सामने आईं आग की दर्दनाक घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन हादसों के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने साफ कर दिया है कि गर्मी के इस मौसम में जनता की जान-माल की सुरक्षा सरकार की पहली जिम्मेदारी है, इसलिए फायर सेफ्टी के नियमों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
2 महीने पहले दिए थे निर्देश
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सरकार की तैयारियों का ब्योरा देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को करीब दो महीने पहले ही फायर सेफ्टी को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई थी, जिसमें गर्मी के प्रकोप को देखते हुए सभी शहरों में फायर ब्रिगेड की तैयारियों को पुख्ता रखने और अग्निशमन यंत्रों व उपकरणों को हर वक्त वर्किंग कंडीशन में रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा घनी आबादी और व्यावसायिक स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया था। अब सरकार एक बैठक के जरिए यह समीक्षा कर रही है कि नगर निकायों ने अब तक कितनी इमारतों का मुआयना किया है और लापरवाहों पर क्या कार्रवाई की गई है।
रडार पर होटल और कोचिंग संस्थान
कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक, प्रशासन का सबसे ज्यादा फोकस उन सार्वजनिक और व्यावसायिक स्थलों पर है जहां हर दिन सैकड़ों-हजारों लोगों की आवाजाही होती है। प्रदेश भर के सभी बड़े होटल, कमर्शियल मॉल और कोचिंग संस्थानों की इमारतों की बारीकी से जांच की जा रही है।
नोटिस के बाद होगी कार्रवाई
जिन भवनों में सुरक्षा मानकों या वेंटिलेशन की कमी पाई जा रही है, उन्हें प्रशासन द्वारा पहले ही सुधार करने का नोटिस जारी किया जा चुका है। यदि नोटिस मिलने के बाद भी तय समय सीमा में पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो उन संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नजर रखेंगे उड़नदस्ते, अलर्ट के आदेश
नियमों का पालन कड़ाई से कराने के लिए विभाग ने एक रणनीति तैयार की है। मंत्री कैलाश ने बताया कि शहरों में फायर सेफ्टी ऑडिट की हकीकत जांचने के लिए एक उड़नदस्ता एक्टिव कर दिए गए हैं। ये टीमें बिना किसी पूर्व सूचना के अलग-अलग शहरों और बहुमंजिला इमारतों का औचक निरीक्षण करेंगी। इसके साथ ही, सभी संबंधित विभागों और फायर अमले को 24 घंटे मुस्तैद रहने का हाई अलर्ट जारी किया गया है।









