भोपाल/ खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनगणना 2027 के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टरों को विकास और सामाजिक समरसता का मंत्र दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनगणना और विकास कार्यों के दौरान क्षेत्रीय या राजनीतिक विवाद की स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय निवासियों के प्रति संवेदनशील रहने और समस्याओं का निराकरण अपने स्तर पर करने के निर्देश दिए।
1931 के बाद पहली बार सामाजिक जनगणना
सीएम यादव ने रेखांकित किया कि 1931 के बाद पहली बार इस स्तर की सामाजिक जनगणना होने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 'मजरे-टोलों' (मजबूत बसावटों) और पुनः आबाद होने वाले गांवों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को आगामी होली जैसे त्योहारों पर सतर्क रहने, मिलावटखोरी रोकने और राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर देने को भी कहा।
डिजिटल क्रांति: 18 महीने का काम अब होगा तेजी से
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह आधुनिक और तकनीक आधारित होगी। पहले प्रशासनिक डेटा आने में 6-7 साल लग जाते थे, लेकिन डिजिटल माध्यम से अब यह प्रक्रिया अत्यंत तीव्र होगी। मध्य प्रदेश के 53 हजार गांवों और 1.27 लाख मजरे-टोलों का सटीक डेटा जुटाने के लिए GIS (Geographic Information System) मैपिंग का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत जानकारी देने से किसी का लाभ नहीं होगा, जबकि सही डेटा बेहतर सरकारी योजनाओं का आधार बनेगा।
राष्ट्र का दर्पण: 1 मई से शुरू होगा पहला चरण
भारत के जनगणना रजिस्ट्रार मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि यह आजादी के बाद की 8वीं और कुल 16वीं जनगणना है। 1 मई 2025 से मकानों की गणना का पहला चरण शुरू होगा। इस बार की सबसे बड़ी विशेषता 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का विकल्प और दूसरे चरण में 'जातिगत गणना' का शामिल होना है। मोबाइल ऐप और पोर्टल के माध्यम से डेटा प्रविष्टि की जाएगी, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी।
प्रशिक्षण और प्रशासनिक तैयारी
कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में संभाग आयुक्तों, कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को डिजिटल टूल्स के संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, मध्य प्रदेश में वर्तमान में जनगणना निदेशक का पद रिक्त है और छत्तीसगढ़ के निदेशक इसका अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार ने उप सचिव जयेंद्र कुमार विजयवत को नोडल अधिकारी नियुक्त कर तैयारियों को गति दे दी है। यह जनगणना न केवल आबादी का आंकड़ा है, बल्कि आगामी दशकों के लिए राष्ट्र की प्रगति का ब्लूप्रिंट भी है।









