MP Cabinet Meeting: भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश की मोहन सरकार अबकी बार किसान कल्याण वर्ष मना रही है, जिसके तहत तमाम प्रकार के नवाचार किए जा रहे हैं। इन नवाचारों में एक और कदम उठाया गया, जब मध्य प्रदेश सरकार की पहली कृषि कैबिनेट बैठक मंगलवार को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक के बाद पहली बार मुख्यमंत्री ने प्रेस ब्रीफिंग में किसानों के हित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की जानकारी दी। इस कैबिनेट की मीटिंग को आगामी बीजेपी के प्लान के हिसाब से बेहद ही खास माना जा रहा है, क्योंकि जिस तरह से पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की थी, लेकिन निमाड़ की जनता ने दोनों ही दलों को समान रुप से चुना था।
निमाड़ के 7 जिलों पर फोकस
निमाड़ अंचल में वैसे तो सात जिले खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर आते हैं, जिनमें संभागीय व्यवस्था के अनुसार इंदौर और आलीराजपुर संभाग शामिल है। इन जिलों की 28 सीटों में से 14 पर कांग्रेस और 14 पर भाजपा का कब्जा है। कृषि कैबिनेट के जरिए इसी मिथक को तोड़ने की बीजेपी की रणनीति है, जिसकी टेस्टिंग आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसी अंचल से लगे मालवा से आते हैं, तो उन्होंने इस इलाके को एक चुनौती के रुप में लिया है, उसी का नतीजा है कि पूरी की पूरी कैबिनेट बैठक होली के पहले आदिवासियों के आराध्य भीलटदेव के आंचल में आ गई, क्योंकि यह पूरा इलाका आदिवासियों से भरपूर है और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी इसी अंचल से ताल्लुक रखते हैं।
आखिर भीलटदेव मंदिर ही क्यों?
शिखरधाम स्थित भीलटदेव मंदिर आदिवासियों की आस्था का बड़ा केंद्र है, भीलटदेव के मंदिर हर इलाके में स्थापित है, परंतु इस जगह से पूरे आदिवासी अंचल की आस्था जुड़ी है। यहां 800 साल पुराना भीलट देव बाबा का मंदिर जनजातीय समाज में आस्था का केंद्र है। मंदिर की तलहटी में स्थित 8 एकड़ के गार्डन को अस्थायी रूप से ‘मंत्रालय’ का स्वरूप दिया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री जुलवानिया के भगोरिया हाट में शामिल हुए। वहीं कैबिनेट की बैठक में किसानों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मोहन कैबिनेट में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
दो माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने बड़वानी जिले के लिए दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनके जरिए किसानों को पानी की उपलब्धता बढ़ेगी कृषि उत्पादन और फसलों की पैदावार को बढ़ानें की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सेंधवा-माइक्रो सिंचाई परियोजना और निवाली माइक्रो सिंचाई परियोजना
ये दोनों परियोजनाएं बड़वानी के किसानों को सिंचाई के तहत बेहतर साधन प्रदान करेंगी और नर्मदा के पानी का उपयोग सुनिश्चित करेंगी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इन परियोजनाओं का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुंचाना है। इससे कृषि उत्पादन में स्थिरता और वृद्धि सुनिश्चित होगी।
बड़वानी में आधुनिक कृषि मंडी का निर्माण
कैबिनेट में बड़वानी जिला में आधुनिक कृषि मंडी के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। जिससे किसानों को बेहतर मूल्य, सुविधाजनक इंफ्रास्ट्रक्चर और सीधा बाजार मिलेगा। जिससे उनकी लागत में कमी आएगी और वो अधिक दाम पर अपनी फसल को बेच पाएंगे। मंडी तक पहुंचने वाली प्रक्रियाएं आसान होंगी। ताकि किसान समृद्ध बने।
कृषि कैबिनेट के अन्य निर्णय
वरला ओर पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी।
भीलटदेव क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
सरसों फसल को भावांतर योजना में शामिल करने को मंजूरी।
बड़वानी में आधुनिक नवीन कृषि उपज मंडी बनाई जाएगी।
बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श कृषि उपज मंडी बनाएंगे।
मछली उत्पादन से जुड़े कारोबार में निवेश को लेकर नई मत्स्य पालन नीति लाने की तैयारी। 218.50 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
नई नीति में मछली उत्पादकों को कोल्ड चेन में निवेश, मार्केटिंग स्ट्रक्चर तैयार करने, रेफ्रिजरेटेड वैन खरीदने और मछलियों के फीड प्लांट लगाने पर सब्सिडी का प्रावधान होगा।
महाविद्यालयों में एग्रीकल्चर सब्जेक्ट पढ़ाने की तैयारी।
नेशनल शूटिंग चैंपियन वैष्णवी माहुले के पिता को शूटिंग अकादमी के लिए सीएम ने 5 लाख रुपए देने की घोषणा की।
सहकारी विभाग की अलग-अलग 4 योजनाओं के माध्यम से 8186 करोड़ की राशि का व्यय वित्त विभाग पर आएगा।









