मंदसौर/उज्जैन/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों पर इस बार स्वतंत्रता दिवस का उत्सव 15 अगस्त से पहले ही देखने को मिला। मंदसौर स्थित प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर और उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में 11 अगस्त को ध्वजारोहण और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजन के वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए, जिसके बाद लोगों के बीच यह सवाल चर्चा में है कि आखिर इन मंदिरों में 15 अगस्त के बजाय चार दिन पहले ही स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया गया।
हिंदू पंचांग के अनुसार मनाने की है परंपरा
मंदिरों से जुड़े लोगों के मुताबिक, यहां स्वतंत्रता दिवस मनाने की एक पुरानी परंपरा चली आ रही है। इसके तहत राष्ट्रीय पर्व की तारीख को हिंदू पंचांग की तिथि से जोड़ा जाता है। इस वर्ष श्रावण कृष्ण चतुर्दशी की तिथि 11 अगस्त को पड़ी, इसलिए दोनों धार्मिक स्थलों पर इसी दिन स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रम किए गए। इस दौरान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, प्रार्थना, ध्वजारोहण और तिरंगा यात्रा जैसे आयोजन हुए। मंदिर से जुड़े पुजारियों का कहना है कि यह परंपरा देश की आजादी से जुड़ी स्मृतियों को धार्मिक परंपराओं के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने की कोशिश है।
पशुपतिनाथ मंदिर में जुटे श्रद्धालु
मंदसौर में शिवना नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध अष्टमुखी पशुपतिनाथ मंदिर में 11 अगस्त को विशेष आयोजन किया गया। मंदिर के आठ मुख वाले शिवलिंग को आकर्षक तरीके से सजाया गया और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति का माहौल भी देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, आयोजन में करीब 250 श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर परिसर में तिरंगा फहराने के साथ स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उज्जैन के बड़े गणेश मंदिर में भी हुआ आयोजन
उज्जैन के प्रसिद्ध बड़े गणेश मंदिर में भी 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मनाया गया। यहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और श्रद्धालुओं ने देश की स्वतंत्रता को याद करते हुए कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस तरह 15 अगस्त से पहले ही दोनों मंदिरों में स्वतंत्रता दिवस का माहौल नजर आया। हालांकि, देश का आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को ही मनाया जाएगा, जबकि इन मंदिरों में 11 अगस्त को मनाया गया आयोजन उनकी स्थानीय धार्मिक परंपरा और हिंदू पंचांग की तिथि से जुड़ा हुआ है।









