रसोई गैस पर सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं के लिए बेहद जरूरी खबर आई है. बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (आधार के जरिए पहचान की पुष्टि) कराने के लिए जो समय सीमा बढ़ाई गई थी, उसकी मियाद अब खत्म होने को है. 1 अक्टूबर 2026 से नया नियम पूरी तरह लागू होने वाला है. अगर आप अपनी एलपीजी सब्सिडी बिना किसी रुकावट के जारी रखना चाहते हैं और अब तक बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं कराया है, तो इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर लें.
सिलेंडर मिलना बंद नहीं होगा, लेकिन चुकाना पड़ेगा बाजार भाव
कई लोगों के बीच यह गलतफहमी फैली हुई है कि सत्यापन न कराने पर रसोई गैस सिलेंडर मिलना ही बंद हो जाएगा. सरकार ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि किसी भी उपभोक्ता की गैस सप्लाई बंद नहीं की जाएगी. हालांकि, बिना सत्यापन के आपको रियायती दरों पर सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ सकती है और ऐसे में रसोई गैस बाजार भाव पर खरीदनी पड़ सकती है. इसके साथ ही जरूरत और उपलब्धता के आधार पर ऐसे ग्राहकों को 5 किलो या 10 किलो के छोटे सिलेंडरों का विकल्प भी दिया जा सकता है.
90 फीसदी ग्राहक करा चुके हैं वेरिफिकेशन, आप भी जांचें स्टेटस
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 19 सितंबर 2026 तक देश भर में करीब 27 करोड़ 43 लाख सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता अपनी बायोमेट्रिक पहचान दर्ज करा चुके हैं. यह कुल सक्रिय उपभोक्ताओं का करीब 89.9 प्रतिशत यानी लगभग 90 फीसदी हिस्सा है. सरकार का प्राथमिक उद्देश्य फर्जीवाड़े को रोककर यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का पैसा सीधे पात्र व्यक्ति तक ही पहुंचे. जिन लोगों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा यह काम कराने की कोई जरूरत नहीं है.
घर बैठे या डिलीवरी के समय कराएं सत्यापन, ये हैं 3 आसान तरीके
ई-केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं को परेशान होने या गैस एजेंसी के बार-बार चक्कर काटने की जरूरत नहीं है. इसके लिए 3 आसान तरीके मौजूद हैं:
- डिलीवरी के समय: जब भी आपके घर सिलेंडर की डिलीवरी आए, तो डिलीवरी करने वाले कर्मचारी के पास मौजूद मोबाइल ऐप के जरिए तुरंत अपनी बायोमेट्रिक पहचान दर्ज करा लें.
- गैस एजेंसी जाकर: आप खुद अपनी एलपीजी वितरक एजेंसी यानी गैस के शोरूम में जाकर भी मशीनों के जरिए पहचान की पुष्टि करा सकते हैं.
- मोबाइल ऐप से: तेल कंपनियों की आधिकारिक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके भी घर बैठे यह काम आसानी से पूरा किया जा सकता है.
अगर आप बिना किसी परेशानी के सब्सिडी पाते रहना चाहते हैं, तो 1 अक्टूबर से पहले अपना स्टेटस जरूर चेक कर लें.









