सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी-- सूत्रों के अनुसार जिले के गेहूं खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। किसानों ने आरोप लगाया है कि खरीदी केंद्रों में बारदाने की कमी का बहाना बनाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है, जबकि कथित रूप से पैसे देने वालों की फसल तुरंत तौली जा रही है।किसानों का कहना है कि स्लॉट और तारीख मिलने के बाद भी जब वे अपनी उपज लेकर खरीदी केंद्र पहुंचते हैं, तो उन्हें घंटों इंतजार कराया जाता है। कई किसानों को यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि केंद्र में बारदाना उपलब्ध नहीं है।लेकिन किसानों का आरोप है कि इसी बीच कुछ लोगों की फसल बिना देरी के तौली जा रही है। किसानों का दावा है कि “सेवा शुल्क” या कथित लेन-देन के बाद तुलाई का काम तेजी से कराया जा रहा है।ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्रों पर मौजूद कुछ कर्मचारी और सर्वेयर गेहूं की गुणवत्ता खराब बताने या मिट्टी मिलने का डर दिखाकर किसानों पर दबाव बनाते हैं। किसानों के अनुसार, प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि लेकर फसल पास करने और तुलाई कराने की बातें सामने आ रही हैं।किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने या मीडिया को जानकारी देने पर फसल रिजेक्ट करने की धमकी दी जाती है। इससे किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।मामले में सबसे गंभीर आरोप रीठी क्षेत्र के विपणन सहकारी मर्यादित देवगांव गेहूं खरीदी केंद्र पर लगे हैं। किसानों का दावा है कि बारदाने की भारी कमी होने के बावजूद तुलाई लगातार जारी है। आरोप है कि किसानों की बजाय व्यापारियों और बिचौलियों का माल तौला जा रहा है, क्योंकि उन्होंने निजी बारदाने की व्यवस्था कर ली है।कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों के पंजीयन का इस्तेमाल कर व्यापारियों और बिचौलियों का गेहूं खरीदा जा रहा है, जिससे शासन की समर्थन मूल्य खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।अब किसानों ने जिला प्रशासन से खरीदी केंद्रों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि समर्थन मूल्य पर खरीदी की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित हो सके।
कटनी के खरीदी केंद्रों में बड़ा खेल? बारदाना खत्म बताकर किसानों से वसूली के आरोप
Khabar Digital Desk
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