खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर /कटनी-- शहर में शराब के कारोबार को लेकर आबकारी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शासकीय देशी-अंग्रेजी शराब दुकानों से लेकर होटल और सार्वजनिक स्थानों तक आबकारी नियमों के कथित उल्लंघन की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कुछ होटल संचालकों द्वारा बिना वैध अनुमति शराब परोसी और बेची जा रही है, वहीं कुछ शराब दुकानों पर निर्धारित नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
रेट लिस्ट के बजाय मनमानी वसूली का आरोप
शहर की कुछ शराब दुकानों पर निर्धारित मूल्य सूची प्रमुखता से प्रदर्शित नहीं किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेट स्पष्ट नहीं होने के कारण ग्राहकों से मनमाने दाम वसूलने की स्थिति बनती है। यदि शिकायतें सही हैं तो यह सीधे तौर पर आबकारी दुकानों की निगरानी व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
स्कूटी-कार से गली-मोहल्लों तक शराब पहुंचाने के आरोप
शहर के विभिन्न इलाकों में स्कूटी और अन्य वाहनों के जरिए शराब पहुंचाने और बेचने की शिकायतें भी चर्चा में हैं। आरोप है कि शराब की कथित अवैध सप्लाई अब मुख्य बाजारों से निकलकर गली-मोहल्लों तक पहुंच रही है। ऐसे में न केवल अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलने की आशंका है, बल्कि युवा वर्ग और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
सवाल यह है कि यदि ऐसी गतिविधियां वास्तव में हो रही हैं, तो निगरानी तंत्र की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ रही?
हॉकर जोन और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी शराबखोरी की शिकायत
अलका होटल के सामने नगर निगम द्वारा विकसित हॉकर जोन में दिनभर शराबखोरी होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी तरह रेलवे स्टेशन के समीप संचालित शराब दुकान के आसपास भी शराब खरीदने और सार्वजनिक रूप से सेवन करने वालों की भीड़ रहने की शिकायतें सामने आई हैं।
यदि सार्वजनिक स्थानों के आसपास इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं तो इसका असर आम नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और यात्रियों पर पड़ना स्वाभाविक है। ऐसे में नगर निगम, पुलिस और आबकारी विभाग के बीच समन्वित निगरानी की जरूरत महसूस होती है।
10-20 पाव की जब्ती से आगे कब पहुंचेगी कार्रवाई?
अवैध शराब के खिलाफ होने वाली कार्रवाई को लेकर भी चर्चाएं हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या कार्रवाई केवल कुछ पाव शराब की जब्ती और छोटे मामलों तक सीमित है, या फिर अवैध शराब के स्रोत, सप्लायर, परिवहनकर्ता और बिक्री नेटवर्क तक जांच पहुंच रही है?
यदि शहर में बड़े स्तर पर अवैध सप्लाई की शिकायतें हैं तो केवल छोटी जब्तियां पूरे नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा सकतीं।
नशा मुक्ति अभियान 2.0’ के बाद भी सवाल क्यों?
कटनी पुलिस द्वारा ‘नशा मुक्ति अभियान 2.0’ के माध्यम से नशे के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई का संदेश दिया गया था। अभियान के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से विभिन्न स्तरों पर गतिविधियां की गईं।
लेकिन अभियान के बाद भी यदि शराब के कथित अवैध कारोबार, परिवहन और सार्वजनिक शराबखोरी की शिकायतें सामने आती हैं तो अभियान के जमीनी असर पर सवाल उठना स्वाभाविक है।**
क्या नशामुक्ति अभियान केवल जागरूकता और औपचारिक कार्रवाई तक सीमित है?
आबकारी विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
शराब की बिक्री, लाइसेंस व्यवस्था और आबकारी नियमों के पालन की निगरानी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में सामने आ रही शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है।
इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी विभा मरकाम से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब कार्रवाई का इंतजार
कटनी में शराब कारोबार से जुड़ी शिकायतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या बिना वैध लाइसेंस शराब परोसने वाले होटल संचालकों की जांच होगी? क्या शराब दुकानों पर रेट लिस्ट और अन्य नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा? क्या गली-मोहल्लों तक कथित शराब सप्लाई करने वाले नेटवर्क की पहचान होगी? और क्या सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होगी?
सवाल सिर्फ कुछ पाव शराब की जब्ती का नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का है जो कथित तौर पर अवैध शराब कारोबार को बढ़ावा दे रहा है।
सरकार और पुलिस प्रशासन जहां नशे के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, वहीं अब निगाहें आबकारी विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि शिकायतों की जांच के बाद कार्रवाई केवल छोटे मामलों तक सीमित रहती है या फिर अवैध शराब के कथित बड़े नेटवर्क पर भी शिकंजा कसा जाता है। जनता का आरोप है की जिले का आबकारी विभाग शराब माफियाओ के आगे बौना साबित हो रहा है
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट खबर एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें मो. 9131308097









