खबर digital news रिपोर्टर /कटनी- एक ओर सरकार विकास कार्यों में तेजी और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिक अब परिणाम देखना चाहता है। शनिवार को आयोजित विकास समीक्षा बैठक में कृषि, शिक्षा, सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक, नशा नियंत्रण और अधोसंरचना को लेकर कई बड़े निर्देश दिए गए, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये निर्देश इस बार फाइलों से निकलकर ज़मीन पर भी दिखाई देंगे?
बैठक में प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और विकास कार्यों में ढिलाई नहीं बरतने की हिदायत दी। हालांकि जिले के कई हिस्सों में बदहाल सड़कें, जलभराव, अव्यवस्थित ट्रैफिक, नशे का बढ़ता कारोबार और अधूरे विकास कार्य पहले से ही प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
स्लीमनाबाद टनल को 15 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन जनता की नजर अब केवल घोषणा पर नहीं, बल्कि समय पर काम पूरा होने पर है।शिक्षा विभाग को कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सवाल यह भी है कि आखिर ऐसी स्थिति बनी क्यों और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अब तक क्या प्रभावी कदम उठाए गए?
बैठक में नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई की बात भी दोहराई गई। लेकिन यदि अभियान लगातार चल रहे हैं, तो जिले में नशे की शिकायतें बार-बार क्यों सामने आ रही हैं?
यह प्रश्न भी चर्चा का विषय बना हुआ है।सड़क सुरक्षा और ब्लैक स्पॉट सुधारने के निर्देश भी दिए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान लंबे समय से है, लेकिन स्थायी समाधान की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिखी।
जनता का कहना है कि समीक्षा बैठकों और निर्देशों का वास्तविक मूल्यांकन तभी होगा, जब विकास कार्य तय समय पर पूरे हों, ट्रैफिक व्यवस्था सुधरे, नशे पर प्रभावी नियंत्रण दिखे और लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं से राहत मिले। अब निगाहें घोषणाओं पर नहीं, बल्कि उनके धरातल पर दिखाई देने वाले परिणामों पर हैं।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट









