इंदौर/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत इंदौर और उज्जैन के बीच विकसित किया जा रहा छह लेन हाईवे निर्धारित समय से पहले पूरा होने की ओर बढ़ रहा है। करीब 48 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का अधिकांश निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे सिंहस्थ मेले की शुरुआत से लगभग एक वर्ष पहले चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
यातायात की रफ्तार होगी तेज
इंदौर क्षेत्र में छह लेन फ्लाईओवर की संरचना लगभग पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब मुख्य सड़क के निर्माण कार्य को गति दी जा रही है। हाल ही में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने परियोजना में बाधा बन रहे कई निर्माण हटाकर काम को तेज कर दिया है। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए इंदौर और उज्जैन के शहरी हिस्सों में मुख्य हाईवे के साथ सर्विस लेन भी विकसित की जा रही हैं। इससे स्थानीय और लंबी दूरी के वाहनों का आवागमन अलग-अलग रहेगा तथा हाईवे पर यातायात की रफ्तार प्रभावित नहीं होगी।
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आठ पुलों का हो रहा निर्माण
सड़क के निर्माण के बाद इंदौर से उज्जैन की यात्रा महज 35 से 40 मिनट में पूरी हो सकेगी। वर्तमान में दोनों शहरों के बीच पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लगता है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास छह माह पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया था। सिंहस्थ मेले के दौरान सबसे अधिक यातायात दबाव इसी मार्ग पर रहने की संभावना को देखते हुए इसे छह लेन में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत पूरे मार्ग पर तीन बड़े और आठ छोटे पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है। सांवेर और उज्जैन क्षेत्र में बन रहे कुछ पुलों पर अभी कार्य जारी है। विभाग द्वारा कराए गए ट्रैफिक सर्वे के अनुसार भविष्य में इस मार्ग से प्रतिदिन 60 हजार से अधिक वाहनों के गुजरने का अनुमान है।
वैकल्पिक मार्गों पर किया जा रहा काम
सिंहस्थ के दौरान बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्गों पर भी काम किया जा रहा है। गांधी नगर से उज्जैन तक ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है, जबकि इंदौर-देवास-उज्जैन मार्ग भी यात्रियों के लिए एक प्रभावी विकल्प रहेगा। देवास से उज्जैन के बीच की सड़क पहले ही फोर लेन में विकसित की जा चुकी है।हाईवे के छह लेन बनने के बाद इस मार्ग पर टोल व्यवस्था में भी बदलाव संभावित है। फिलहाल 48 किलोमीटर के इस रूट पर दो टोल प्लाजा संचालित हैं और सड़क उन्नयन के बाद टोल शुल्क में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।









