डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और फाइलों के तले अपनी समस्याओं को दबे देखने के अभ्यस्त हो चुके आम नागरिकों के लिए डिंडोरी से अभिनव खबर सामने आई है। मां नर्मदा के पवित्र डेम घाट पर जब प्रशासनिक अमला उतरा, तो माहौल किसी पारंपरिक सरकारी बैठक जैसा नहीं, बल्कि एक खुले संवाद केंद्र जैसा था।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने वार्ड क्रमांक 8, 9 और 10 के रहवासियों के बीच बैठकर "जनता ही बताएगी समस्या का समाधान" नामक एक अनूठी पहल की शुरुआत की। यह केवल शिकायतों का पुलिंदा इकट्ठा करने की रस्म अदायगी नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र की उस मूल भावना को जीवंत करने का प्रयास था, जहाँ नागरिक स्वयं अपनी समस्याओं का व्यावहारिक हल खोजते हैं।
अक्सर देखा जाता है कि चौपालों में शिकायतों का अंबार लग जाता है, लेकिन उनका हल प्रशासनिक लालफीताशाही में उलझकर रह जाता है। इस परिपाटी को बदलते हुए कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने स्पष्ट किया कि जो लोग उस इलाके में दशकों से रह रहे हैं, वे वहाँ की धरातली समस्याओं और उनके सबसे सटीक समाधानों को सबसे बेहतर समझते हैं।
"जब नागरिक सिर्फ समस्या बताने के बजाय उसका व्यावहारिक समाधान भी सामने रखते हैं, तो प्रशासन के लिए निर्णय लेना और उस पर काम करना बेहद आसान हो जाता है। साफ-सफाई, बिजली, सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए जनता का यह सीधा जुड़ाव ही हमारे शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाएगा।"- अंजू पवन भदौरिया, कलेक्टर (डिंडोरी)
नर्मदा घाट की ठंडी हवाओं और जन-चौपाल के इस आत्मीय माहौल में नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लगभग 40 से 50 स्थानीय निवासियों ने न केवल अपने-अपने वार्डों की प्राथमिक समस्याओं को बेबाकी से रखा, बल्कि उनके त्वरित निराकरण के लिए कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए।
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों द्वारा दिए गए सुझावों को रजिस्टर में दर्ज कर समय-सीमा के भीतर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सफलता के इस रुझान को देखते हुए प्रशासन अब इस मॉडल को जिले के अन्य सभी वार्डों में भी लागू करने की योजना बना रहा है।
जनभागीदारी के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए शहर के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे
आशीष खरे (पुलिस अधीक्षक, डिंडोरी)रामबाबू देवांगन (एसडीएम, डिंडोरी)सुनीता सारस (अध्यक्ष, नगर परिषद)स्थानीय वार्ड पार्षदगण एवं विभिन्न जन-उपयोगी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।









