भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को लेकर की गई टिप्पणी ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका दौरे के दौरान मोहन भागवत द्वारा दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने उनके संबोधन की सराहना की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि भागवत का भाषण सुनना सुखद रहा। उनकी इस टिप्पणी को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि दिग्विजय सिंह लंबे समय से RSS की विचारधारा को लेकर मुखर आलोचना करते रहे हैं।
RSS से जुड़ा पुराना किस्सा भी सुनाया
दिग्विजय सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर से जुड़ा एक पुराना प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें RSS से जुड़ने का प्रस्ताव मिला था। हालांकि उन्होंने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। दिग्विजय सिंह की राजनीति में RSS की विचारधारा की आलोचना कोई नई बात नहीं है। इसके बावजूद अलग-अलग मौकों पर वे संगठन की कार्यशैली और कुछ पहलुओं की प्रशंसा भी करते रहे हैं। ऐसे में मोहन भागवत के भाषण को लेकर उनकी ताजा सकारात्मक टिप्पणी राजनीतिक तौर पर चर्चा का विषय बन गई है।
अमेरिका में भागवत ने एकता और विविधता पर दिया जोर
मोहन भागवत ने अमेरिका में अपने संबोधनों के दौरान एकता, विविधता और मानवता जैसे विषयों पर जोर दिया। उन्होंने अलग-अलग धर्मों और विविधताओं के बावजूद मानवता की एकता की बात कही तथा विविधता का सम्मान करने का संदेश दिया। भागवत के इसी संदेश पर दिग्विजय सिंह की सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। अब उनकी टिप्पणी को लेकर मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
नए राजनीतिक बदलाव का संकेत
दिग्विजय सिंह की यह टिप्पणी RSS के प्रति उनके व्यापक राजनीतिक रुख में बदलाव का संकेत है या केवल एक भाषण की विषयवस्तु की सराहना, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल उनकी टिप्पणी ने प्रदेश की राजनीति में बहस का एक नया मुद्दा जरूर खड़ा कर दिया है।









