भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए जिले की पूरी कार्यकारिणी भंग कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दतिया भाजपा की कमान किसे सौंपी जाएगी। संगठन में नए जिलाध्यक्ष और नई टीम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पार्टी में चल रहा गहरा मंथन
सूत्रों के अनुसार, उपचुनाव के दौरान सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। जिलाध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में भाजपा के पूर्व प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का नाम सबसे प्रमुखता से सामने आ रहा है। हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिए गए हैं।
गठित समिति की रिपोर्ट का इंतजार
उपचुनाव के दौरान कथित भीतरघात की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही संगठन नई नियुक्तियों पर अंतिम निर्णय लेगा। पार्टी पुराने और अनुभवी चेहरों पर दोबारा भरोसा जताने के साथ-साथ कुछ नए कार्यकर्ताओं को भी जिला कार्यकारिणी में स्थान दे सकती है।
जिले की संगठनात्मक इकाई को किया भंग
गौरतलब है कि दतिया उपचुनाव में कांग्रेस के हाथों मिली हार के बाद भाजपा नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिले की पूरी संगठनात्मक इकाई को भंग कर दिया था। बताया जा रहा है कि चुनाव के दौरान भीतरघात और संगठनात्मक कमजोरियों की शिकायतों के मद्देनजर यह सख्त कदम उठाया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दतिया भाजपा में व्यापक संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिल सकता है।









