भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में विक्रमोत्सव महापर्व पर 21 लाख रुपए का राष्ट्रीय और 5-5 लाख रुपए की तीन राज्यस्तरीय सम्मान स्थापित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन ने सदियों से धर्म, ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति की ज्योति प्रज्वलित की है। विरासत से विकास के इस प्रतीक के रूप मे ही उज्जैन में विक्रमोत्सव का सांस्कृतिक महापर्व आयोजित किया जा रहा है। यह केवल एक उत्सव नहीं बल्कि सांस्कृतिक अस्मिता और ऐतिहासिक स्वाभिमान का विराट पर्व है। महान सम्राट विक्रमादित्य ने न्याय, सुशासन और लोक कल्याण की ऐसी परंपरा स्थापित की जो आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रदेश भर में गांव, शहर, कस्बों तक विक्रमोत्सव का विस्तार करते हुए प्रदेश में हो रहे सभी शिवरात्रि मेलों को इस आयोजन से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने और उनके शौर्य, न्याय तथा प्रजावत्सल आदर्शों को अमर बनाने के लिए उनकी स्मृति में एक करोड़ एक लाख रुपए का सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्टीय अलंकरण सम्मान स्थापित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह देश का सबसे प्रतिष्ठित अलंकरण भारत की सांस्कृतिक गरिमा को विश्व मंच पर नई ऊंचाईयां प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव की ख्याति तेजी से बढ़ रही है। प्रसन्नता का विषय है कि वर्ष 2024 के विक्रमोत्सव को एशिया का बिगेस्ट रिलीजियस फेस्टीवल का अवार्ड मिला। विक्रमोत्सव 2025 को ईमैक्सम ग्लोबल अवार्ड द्वारा लांगस्टैडिंग आईपी ऑफ द इयर से सम्मानित किया गया। इस वर्ष और आने वाले समय में भी विक्रमोत्सव अपनी उत्सवधर्मी सांस्कृतिक पहचान को दुनिया में स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन पृथ्वी का नाभि स्थल कहा जाता है। सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की अस्था इसे सनातन के विश्वास का केंद्र भी बनाती है। इसी दिव्य परम्परा को अधिक भव्य व्यवस्थित और श्रद्धालु केंद्रित बनाने के लिए सिंहस्थ की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उज्जैन तथा आसपास के क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी से जारी हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए उज्जैन के आसपास फोर लेन और सिक्स लेन सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। क्षिप्रा नदी में स्नान के लिए 30 किमी घाटों की व्यवस्था की गई है। मोक्षदायनी क्षिप्रा नदी को निर्मल और विरल बनाए रखने के लिए व्यवस्थित कार्य योजना प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास का कारवां निरंतर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी किसान, युवा, महिला और गरीब सभी के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उद्योग व्यवसाय, उद्यमिता और कृषि के क्षेत्र में भी निरंतर गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाते हुए रीवा, सागर नर्मदापुरम, ग्वालियर, सिंगरौली जैसे स्थानों पर क्षेत्रीय समिट आयोजित की गईं, जिसके समारात्मक परिणाम प्राप्त हुए। वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सभी के कल्याण और विकास का यह काल रामराज्य और सम्राट विक्रमादित्य के समान है।









