उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है. पार्टी इस बार टिकट तय करने से पहले जमीनी स्तर पर व्यापक फीडबैक जुटा रही है. इसके लिए बूथ, मंडल और जिला स्तर तक पांच चरणों में सर्वे अभियान चलाया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, अब तक तीन चरण पूरे किए जा चुके हैं, जबकि दो चरणों का सर्वे अभी बाकी है. इन रिपोर्टों के आधार पर पार्टी चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन पर अंतिम फैसला करेगी.
अलग-अलग वर्गों से लिया जा रहा फीडबैक
बीजेपी केवल संगठन के पदाधिकारियों की राय पर निर्भर नहीं है, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों से भी सुझाव और प्रतिक्रिया जुटा रही है. सर्वे के दौरान व्यापारियों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, सामाजिक संगठनों और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत की जा रही है. इन सभी से मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन, सरकार की योजनाओं के असर और संभावित नए उम्मीदवारों को लेकर राय ली जा रही है. पार्टी का उद्देश्य ऐसे चेहरों की पहचान करना है, जिनकी जनता के बीच मजबूत पकड़ हो और जो चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर सकें.
किन मुद्दों पर हो रहा है सर्वे
सर्वे में कई अहम पहलुओं को शामिल किया गया है. इसमें मौजूदा विधायक की सक्रियता, विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी की स्थिति, योगी सरकार की योजनाओं का प्रभाव और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता की राय जानी जा रही है. इसके अलावा यह भी आकलन किया जा रहा है कि संबंधित सीट पर बीजेपी की जीत की संभावना कितनी मजबूत है और क्या नए चेहरे को उतारना अधिक फायदेमंद रहेगा.
हार वाली सीटों पर विशेष फोकस
जिन विधानसभा सीटों पर वर्ष 2022 के चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था, वहां पार्टी विशेष रणनीति के तहत काम कर रही है. इन सीटों पर हार के कारणों की समीक्षा की जा रही है और ऐसे संभावित उम्मीदवारों की तलाश की जा रही है, जो अगला चुनाव जीतने की क्षमता रखते हों.
कई मौजूदा विधायकों का कट सकता है टिकट
सूत्रों के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट का असर टिकट वितरण पर साफ दिखाई दे सकता है. जिन विधायकों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया जाएगा, उनके टिकट पर फैसला बदल सकता है. पार्टी नए चेहरों को मौका देने की संभावना पर भी विचार कर रही है. उम्मीदवार तय करते समय जीतने की क्षमता, जनता के बीच स्वीकार्यता, सामाजिक और जातीय समीकरण तथा क्षेत्रीय संतुलन जैसे पहलुओं को प्रमुख आधार बनाया जाएगा. इससे बीजेपी 2027 के चुनाव में मजबूत और संतुलित उम्मीदवारों के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है.









