भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली पराजय के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठन के स्तर पर आत्ममंथन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चुनावी हार के कारणों का विस्तृत आकलन करने के लिए प्रदेश भाजपा ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति का दायित्व चुनाव परिणामों से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट संगठन नेतृत्व को सौंपना होगा। उसके बाद पार्टी अंतिम निर्णय लेगी कि हार का जिम्मेदार कौन है?
रणदीवे, कराड़ा को सौंपी जांच की जिम्मेदारी
प्रदेश भाजपा की ओर से जारी आदेश में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को इस समिति में शामिल किया गया है। दोनों नेता उपचुनाव से जुड़े संगठन के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से अलग-अलग मुलाकात कर चुनावी परिस्थितियों और परिणामों के कारणों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।
रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा निर्णय
जानकारी के अनुसार, समिति चुनाव प्रबंधन, संगठन की कार्यशैली, स्थानीय राजनीतिक समीकरण, कार्यकर्ताओं की सक्रियता तथा कथित अंदरूनी विरोध या भितरघात जैसे पहलुओं पर भी फीडबैक एकत्र करेगी। सभी बिंदुओं का गहन अध्ययन करने के बाद समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को सौंपेगी। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर संगठन भविष्य की रणनीति तय करने के साथ आवश्यक संगठनात्मक निर्णय भी ले सकता है।
गोपनीय बैठकों का दौर हुआ शुरु
प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा ने पार्टी कार्यालय पर गोपनीय बैठकों का दौर शुरु कर दिया है। माना जा रहा है कि दोनों नेता दतिया जाकर भी फीडबैक ले सकते हैं, ताकि स्थानीय कार्यकर्ताओं के जरिए पता किया जाए कि आखिर चूक किससे हुई, जबकि प्रदेश में बीजेपी की सरकार है। पार्टी कार्यकर्ताओं के रिएक्शन के बाद रिपोर्ट आने के बाद बड़ा एक्शन लेने की तैयारी में बीजेपी नजर आ रही है, क्योंकि आशुतोष तिवारी की हार को संघ के लिए भी किरकिरी माना जा रहा है, क्योंकि वे आरएसएस से ही बीजेपी में गए थे।
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