भोपाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मोहन सरकार की स्थिति राजनीतिक रूप से कमजोर नजर आ रही है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं, यानी चुनाव में अभी लगभग दो साल बाकी हैं। माना जा रहा है कि एक साल बाद मोहन सरकार पूरी तरह चुनावी मोड में आ सकती है और कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इसे लेकर भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता फिलहाल शांत हैं, तो कुछ सही समय का इंतजार कर रहे हैं। राजनीति में कुछ भी संभव है, क्योंकि यहां हर दिन नए समीकरण बनते-बिगड़ते रहते हैं। अब देखना होगा कि आगे राजनीतिक हालात किस दिशा में जाते हैं।
फिलहाल, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव gopal bhargava इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। वे कभी सरकार के समर्थन में नजर आते हैं, तो कभी सरकार को आईना दिखाने से भी पीछे नहीं हटते। हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कह रहे हैं -
"दिग्विजय सिंह मुझसे कहते थे – गोपाल भार्गव जी, भाजपा में क्या रखा है, वहां कुछ नहीं है। आप हमारे साथ आ जाइए, हम आपको अच्छे विभाग का मंत्री बना देंगे। मैंने उनसे कहा – राजा साहब, मैं एक बात साफ कह देता हूं, यह माल बिकाऊ नहीं, टिकाऊ है। मैंने तो यहां 20 साल सहा है, लोग यहां 20 महीने भी नहीं टिक पाते।"
इस वायरल वीडियो को लेकर गोपाल भार्गव के समर्थक कई तरह के कयास जरूर लगा रहे होंगे। हालांकि किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की संभावना कम दिखाई देती है, लेकिन राजनीति में कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। यहां लाभ-हानि के समीकरणों के आधार पर फैसले बदलते रहते हैं।









