उमरिया/ केजी पांडेय/ खबर डिजिटल/ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गुरवाही हेलीपेड पर भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर द्वारा विशेष मॉक ड्रिल की गई। यह अभ्यास संभावित इंटरस्टेट टाइगर रिलोकेशन को ध्यान में रखते हुए किया गया, ताकि बाघिन को सुरक्षित तरीके से एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने की प्रक्रिया को परखा जा सके। वन विभाग, वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स और एयरफोर्स के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पूरी तैयारी का निरीक्षण किया।
मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व जाएगी बाघिन
वन विभाग की योजना के तहत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को जल्द ही राजस्थान के मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व भेजा जाएगा। 15 फरवरी से पहले किसी भी दिन बाघिन का ट्रांसलोकेशन किया जा सकता है। इसके लिए सभी जरूरी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
बाघों की संख्या बढ़ाने की पहल
मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से यह बड़ा कदम उठाया गया है। इंटरस्टेट टाइगर रिलोकेशन योजना के तहत मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से कुल पांच बाघिनों को चरणबद्ध तरीके से मुकुंदरा में शिफ्ट किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वहां के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी और बाघों की प्रजनन दर में भी वृद्धि होगी।
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
राजस्थान में बाघों की घटती संख्या को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस पहल को वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता संतुलन की दिशा में अहम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरी की जाएगी।









