भोपाल/खबर डिजिटल/ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुनकर एवं शिल्पी सम्मान समारोह MP के 15 बुनकर शिल्पी को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बुनकरों और शिल्पियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य हुए हैं। मध्यप्रदेश का हथकरघा उद्योग वैश्विक मंच पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। इस उपलब्धि में मृगनयनी और ODOP मार्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय बुनकर एवं शिल्पी सम्मान समारोह को संबोधित किया। सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बुनकरों एवं शिल्पियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं।
अनोखे अंदाज में दिखे सीएम डॉ. मोहन
मध्यप्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रदेश का हथकरघा उद्योग भी अपनी समृद्ध कला, परंपरा और कौशल के माध्यम से न सिर्फ देश, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। इसी क्रम में आज प्रदेश के उत्कृष्ट 15 बुनकरों एवं शिल्पियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10 अगस्त को अनोखे अंदाज में नजर आए। उन्होंने एक ओर मिट्टी के चाक पर शिवलिंग का निर्माण किया, तो दूसरी ओर बुनकरों और शिल्पियों से शिल्प की जानकारी भी ली। उन्होंने बुनकरों-शिल्पियों के काम की जबरदस्त तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुटीर और ग्रामोद्योग के जुड़े भारत के सभी बुनकर, शिल्पकार और कलाकारों के परिश्रम को पूरा सम्मान दिलवाने का संकल्प लिया है।
प्रथम पुरस्कार में रूप में 1 लाख
हमारी सरकार देश के स्वावलंबी भाव से सभी हुनरमंद बुनकर, समर्पित शिल्पकार और कलाकारों को सम्मानित कर रही है। सीएम डॉ. यादव ने यह बात भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय बुनकर-शिल्पी सम्मान समारोह में कही। कार्यक्रम में उन्होंने मृगनयनी ई-कॉमर्स वेबसाइट और ओडीओपी मार्ट एमपी पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने बुनकर, शिल्पकार और कलाकारों को भी पुरस्कृत किया। इन्हें प्रथम पुरस्कार में रूप में 1 लाख, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार और तृतीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपए और प्रशस्ति पत्र दिया गया।
मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ रहा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की विरासत सांस्कृति और ऐतिहासिक है। किसानों की मेहनत से कपास तैयार होता है। इसी कपास से बुनकर कपड़ा, बुटिक और खादी तैयार करते हैं। खादी मध्यप्रदेश की विशेष पहचान रही है। शिल्पकार और कलाकारों के हाथों में चमत्कारिक प्रतिभा होती है। मध्यप्रदेश आज सभी क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है, लेकिन हथकरघा और शिल्पकला को प्रोत्साहन पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है। वे अपने खून-पसीने और अथक परिश्रम से समृद्ध परंपरा और कला को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ाते हैं।
15 श्रेष्ठ कलाकार सम्मानित
उन्होंने कहा कि आज सम्मानित 15 श्रेष्ठ कलाकारों और बुनकरों को बधाई देता हूं। चंदेरी का कुर्ता, महेश्वर की साड़ी, बाघ की शॉल और जरी का बैग सभी वस्तुएं प्रदेशवासियों को गौरव का अनुभव कराती हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी कलाकारों की समृद्धि के लिए तत्पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल का महामंत्र दिया है, उसे जमीन पर उतारने के लिए मध्यप्रदेश ठोस कदम उठा रहा है। प्रदेश के सभी बुनकरों, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग से जुड़े कलाकारों और विशेष तौर पर ओडीओपी उत्पादों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए दो ई-कॉमर्स वेब पोर्टल्स की शुरुआत की गई है। यह प्रदेश की लंबी छलांग है, इसी पोर्टल को देश में प्रथम पुरस्कार मिला है। यह प्रदेश सरकार और कुटीर एवं ग्रामोद्योग के लिए बड़ी उपलब्धि है।









