Election 2026 Opinion Poll: चुनाव आयोग द्वारा 5 राज्यों में चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही देश का सियासी पारा अब सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पांचों राज्यों में देश के प्रमुख दल बीजेपी और कांग्रेस ने चुनावी रैलियां शुरू कर दी है। जहां पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोटिंग होगी, वहीं असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक ही दिन में फैसला हो जाएगा। 4 मई को आने वाले नतीजों से पहले सट्टा बाजार के आंकड़ों ने नेताओं की नींद उड़ा दी है।
क्या थमेगा ममता का 'खेला'?
सट्टा बाजार में बंगाल को लेकर सबसे ज्यादा गहमागहमी है। सट्टा बाजार के आंकड़ों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खेमे में उत्साह भर दिया है। बंगाल की 294 सीटों में से TMC लगातार चौथी बार सत्ता में लौटती दिख रही है। उसे 155 से 170 सीटें मिलने का अनुमान सट्टा बाजार ने जताया है। वही बीजेपी 100-115 सीटों के साथ मजबूत विपक्ष के तौर पर उभर सकती है। तो वही ओवैसी की पार्टी AIMIM भी 5-6 सीटें जीतकर किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है।
बीजेपी का भाव 'मजबूत'
असम विधानसभा चुनाव की बात करे तो असम में बीजेपी की सत्ता वापसी पर सट्टा बाजार में सबसे कम रिस्क और सबसे ज्यादा भरोसा दिख रहा है। बीजेपी 96-98 सीटों के साथ 'प्रचंड' बहुमत हासिल कर सकती है। वही कांग्रेस महज 26-28 सीटों पर सिमटती दिख रही है, जबकि AIUDF को 1-5 सीटें मिलने का अनुमान है।
क्या स्टालिन की 'विदाई' तय?
तमिलनाडु में सट्टा बाजार का अनुमान सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। यहां DMK की सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। AIADMK और BJP गठबंधन को 114 से 127 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के बेहद करीब है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके 104-114 सीटों पर अटक सकती है। वहीं, नई पार्टी टीवीके (TVK) 6-12 सीटें जीतकर चौंका सकती है।
केरल में 'कांटे की टक्कर'
सट्टा बाजार के अनुमान के अनुसार केरल में इस बार मुकाबला 'एकतरफा' नहीं बल्कि 'बराबरी' का नजर आ रहा है। 140 सीटों वाले इस राज्य में लेफ्ट फ्रंट (LDF) को 61-71 और कांग्रेस नीत UDF को 58-69 सीटें मिल सकती हैं। वही बीजेपी को यहां 2 सीटें मिलने का अनुमान है। सट्टा बाजार में यहां हर एक सीट पर हार-जीत का अंतर बहुत कम रहने के आसार हैं।
पुडुचेरी में एनडीए बेहतर!
पुडुचेरी में एक चरण में मतदान होगा, जहां मुकाबला एनडीए और यूपीए के बीच सीधा है। सट्टा बाजार के बुकीज यहां एनडीए की स्थिति को थोड़ा बेहतर मान रहे हैं।
नोट: पांचों राज्यों में किसकी सरकार बनेगी वो तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही साफ होगा। सट्टा बाजार के आंकड़ों को हम नहीं मानते है, लेकिन बीते कई चुनावों से सट्टा बाजार अपने आंकड़े जारी करता आया है।







