Union Cabinet Decision: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चलेगी। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के इस फैसले से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
अब नए नाम से जानी जाएंगी पेंशन योजनाएं
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम और इसके तहत चलने वाली योजनाओं के नाम बदलने का फैसला किया है। अब ये योजनाएं नए नाम से जानी जाएंगी।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम: प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना: प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना: प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना: प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना
राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना: प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना
दिव्यांगजन पेंशन के नियमों में बदलाव
केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन पेंशन योजना के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इसके तहत दिव्यांगता पेंशन के लिए पात्रता की सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। यानी अब 40 प्रतिशत या उससे अधिक बेंचमार्क दिव्यांगता वाले पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा, पेंशन के लिए न्यूनतम आयु सीमा को भी बदलकर जन्म से निर्धारित किया गया है। इससे पात्र दिव्यांग बच्चों को भी योजना के दायरे में लाने का रास्ता साफ होगा।
कितनी मिलेगी दिव्यांगजन पेंशन?
सरकार की मंजूरी के अनुसार, दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत सहायता राशि इस प्रकार होगी:
0 से 79 वर्ष की आयु: 375 रुपये
80 वर्ष और उससे अधिक आयु: 625 रुपये
यह सहायता राशि योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली राशि है। राज्य सरकारों की अतिरिक्त सहायता अलग हो सकती है।
बुजुर्गों और विधवाओं की पेंशन में बदलाव नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वृद्धजनों और विधवाओं के लिए चल रही पेंशन योजनाएं तथा राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना मौजूदा स्वरूप में जारी रहेंगी। इन योजनाओं में फिलहाल किसी बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।
तीन महीने में लागू होंगे नए नियम
दिव्यांगजन पेंशन योजना में पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि से जुड़े बदलावों के लिए केंद्र सरकार तीन महीने के भीतर दिशा-निर्देश जारी करेगी। इसके बाद नए नियमों को लागू किया जाएगा।
कब शुरू हुई थी यह योजना?
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी। इसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार पात्र लाभार्थियों को पेंशन और अन्य वित्तीय सहायता देती है।









