Protest: दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शनों और जगह-जगह बैरिकेडिंग का असर अब बाजारों के कारोबार पर भी दिखने लगा है। खान मार्केट और कनॉट प्लेस के व्यापारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों के चलते ग्राहक बाजार आने से कतरा रहे हैं। इससे दुकानों की बिक्री घट रही है और कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खान मार्केट एसोसिएशन ने दावा किया है कि बाजार को हर दिन करीब 50 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। व्यापारियों ने अपनी परेशानी को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट में भी उनकी बात सुने जाने की मांग की है।
खान मार्केट में ग्राहकों की कमी से व्यापारी परेशान
खान मार्केट एसोसिएशन के मुताबिक, लगातार हो रहे प्रदर्शनों के कारण बाजार में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है। इसका सीधा असर दुकानदारों की कमाई पर पड़ रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि यहां एक दुकान का रोजाना किराया करीब 3 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। ऐसे में जब ग्राहक ही बाजार नहीं आ रहे, तो दुकानदारों के लिए किराया और दूसरे खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शनों के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान की ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इसी को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपनी बात रखने का मौका देने की मांग की है।
Protest: कनॉट प्लेस में भी कारोबार पर पड़ा असर
कनॉट प्लेस के व्यापारियों का भी कहना है कि पिछले 5 से 7 दिनों से प्रदर्शन और प्रतिबंधों के कारण कारोबार प्रभावित हुआ है। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव के मुताबिक, CJP के प्रदर्शन के दौरान कनॉट प्लेस में कारोबार सामान्य दिनों के मुकाबले महज 10 फीसदी तक रह गया था। व्यापारी अभी इस नुकसान से उबरने की कोशिश कर ही रहे थे कि INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन शुरू हो गया।
अतुल भार्गव के मुताबिक, पिछले दो महीनों से कनॉट प्लेस और आसपास के बाजारों के कारोबारी नुकसान झेल रहे हैं। अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर व्यापार के लिहाज से अहम महीने होते हैं। त्योहारों को देखते हुए दुकानदारों ने पहले से ही सामान का स्टॉक कर लिया है, लेकिन ग्राहकों की कमी के चलते बिक्री नहीं हो पा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाले प्रदर्शनों को लेकर भी व्यापारी चिंतित हैं।
Protest: कनॉट प्लेस की 2 हजार दुकानों पर असर की आशंका
व्यापारियों के मुताबिक, कनॉट प्लेस में करीब 2,000 दुकानें हैं। इनमें से लगभग 1,300 से 1,400 दुकानें इनर, मिडिल और आउटर सर्कल में स्थित हैं। यहां दुकानों के अलावा ऑफिस और कैफे भी हैं। वहीं, सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा।
इसके अलावा पालिका बाजार में करीब 300 भूमिगत दुकानें हैं, जबकि शंकर मार्केट में लगभग 200 दुकानें हैं। व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शनों और आवाजाही पर पाबंदियों का असर इन बाजारों पर भी पड़ रहा है। उन्हें आशंका है कि 16 और 17 अक्टूबर को होने वाली गतिविधियों के कारण कारोबार और प्रभावित हो सकता है। ग्राहकों के बाजार आने से बचने की वजह से दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है।
व्यापारियों ने की प्रदर्शन के लिए अलग जगह तय करने की मांग
Protest: कारोबार पर पड़ रहे असर को देखते हुए व्यापारियों ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, दिल्ली पुलिस आयुक्त और उपराज्यपाल समेत संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भेजा है। उनकी मांग है कि कनॉट प्लेस जैसे व्यावसायिक इलाकों में प्रदर्शनों और बैरिकेडिंग के कारण कारोबार और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
व्यापारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसके लिए ऐसी जगह तय होनी चाहिए, जहां आम लोगों की आवाजाही और बाजारों का कामकाज बाधित न हो। उनका मानना है कि प्रदर्शन के अधिकार और व्यापारियों की रोजी-रोटी, दोनों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।
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