आज के समय में ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच कुछ जगहों पर ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए पेट्रोल में मिलावट की शिकायतें सामने आती रहती हैं. पेट्रोल में केरोसिन, सॉल्वेंट, घटिया केमिकल, पाम ऑयल, जरूरत से ज्यादा एथेनॉल या पानी जैसी चीजें मिलाई जा सकती हैं. इससे मिलावट करने वाले को फायदा जरूर होता है, लेकिन इसका सीधा असर आपकी गाड़ी के इंजन और परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है.
मिलावटी पेट्रोल से गाड़ी को क्या नुकसान?
अगर आपकी कार या बाइक में खराब क्वालिटी वाला पेट्रोल चला जाए, तो सबसे पहले माइलेज पर असर नजर आ सकता है. गाड़ी पहले के मुकाबले ज्यादा ईंधन खर्च करने लगती है और एक्सीलरेशन भी कमजोर महसूस हो सकता है. इसके अलावा इंजन के चलने में अनियमितता आ सकती है. कई मामलों में वाहन को स्टार्ट करने में परेशानी होने की संभावना भी रहती है.
घर पर कैसे जांचें पेट्रोल की क्वालिटी?
मिलावट का शक होने पर कुछ आसान तरीकों से शुरुआती जांच की जा सकती है.
फिल्टर पेपर टेस्ट: सफेद और साफ फिल्टर पेपर पर पेट्रोल की कुछ बूंदें डालकर करीब 1 से 2 मिनट इंतजार करें. सामान्य तौर पर शुद्ध पेट्रोल उड़ जाता है और ज्यादा निशान नहीं छोड़ता. अगर कागज पर गहरा दाग या चिकना अवशेष बच जाए, तो मिलावट का संदेह हो सकता है.
डेंसिटी चेक करें: पेट्रोल की डेंसिटी एक तय सीमा के भीतर होती है. पेट्रोल भरवाते समय ग्राहक डिस्पेंसरी मशीन पर दिखाई जा रही डेंसिटी रीडिंग को देख सकते हैं. रीडिंग सामान्य सीमा से अलग होने पर सवाल किया जा सकता है.
पानी से जांच: पारदर्शी बर्तन में पानी लेकर उसमें थोड़ी मात्रा में पेट्रोल डालें. पेट्रोल और पानी आमतौर पर अलग रहते हैं. अगर दोनों के व्यवहार में असामान्य बदलाव नजर आए, तो मिलावट की आशंका हो सकती है.
रंग और गंध भी दे सकते हैं संकेत
पेट्रोल आमतौर पर साफ या हल्के पीले रंग का दिखाई देता है. अगर इसका रंग जरूरत से ज्यादा गहरा या धुंधला लगे, तो सावधान रहें. इसी तरह पेट्रोल की एक खास तेज गंध होती है. अगर उसमें केरोसिन या किसी दूसरे केमिकल जैसी अजीब गंध महसूस हो, तो इसकी क्वालिटी पर शक किया जा सकता है.
शक होने पर क्या करें?
घर पर किए गए ये तरीके सिर्फ शुरुआती संकेत दे सकते हैं और इन्हें अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता. पेट्रोल की क्वालिटी को लेकर संदेह हो तो तुरंत पेट्रोल स्टेशन के अधिकारियों से शिकायत करें और क्वालिटी व डेंसिटी टेस्ट कराने के लिए कहें.






