मध्य प्रदेश भाजपा में संगठन को मजबूत करने के लिए नियुक्तियों का दौर लगातार आगे बढ़ रहा है. इसी कड़ी में अब पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के लिए जिला स्तर पर नई जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति के बाद पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्षों और जिला महामंत्रियों के नामों की घोषणा की गई है.
इन नियुक्तियों के बाद संबंधित जिलों में संगठन की गतिविधियों को और अधिक सक्रिय करने की जिम्मेदारी नए पदाधिकारियों के पास होगी. पार्टी का प्रयास है कि जिला स्तर पर संगठन की पकड़ मजबूत हो और पिछड़ा वर्ग मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं को ज्यादा सक्रिय भूमिका दी जा सके.
जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करने की तैयारी
भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में जिला इकाइयों की अहम भूमिका रहती है. ऐसे में पिछड़ा वर्ग मोर्चा में की गई नई नियुक्तियों को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. नए जिला अध्यक्षों और महामंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के साथ कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी निभानी होगी.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जिला स्तर पर मोर्चे की सक्रियता बढ़ने से संगठन के कार्यक्रमों और अभियानों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. नई टीम के सामने कार्यकर्ताओं को जोड़ने और संगठन की गतिविधियों को गति देने की चुनौती भी होगी.

लगातार हो रही संगठनात्मक नियुक्तियां
मध्य प्रदेश भाजपा में पिछले कुछ समय से अलग-अलग स्तरों पर संगठनात्मक बदलाव और नियुक्तियों का सिलसिला चल रहा है. विभिन्न मोर्चों, प्रकोष्ठों और जिला इकाइयों में जिम्मेदारियां बांटने के बाद अब पिछड़ा वर्ग मोर्चा के लिए भी नई टीम घोषित की गई है.
पार्टी की ओर से नामों की घोषणा के साथ ही संबंधित जिलों में संगठन के कामकाज को नए पदाधिकारियों के नेतृत्व में आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है. आने वाले दिनों में नई टीम की सक्रियता और संगठनात्मक कार्यक्रमों में उनकी भूमिका पर खास नजर रहेगी.
जमीनी सक्रियता बढ़ाने पर रहेगा जोर
नवनियुक्त जिला अध्यक्षों और महामंत्रियों के सामने संगठन को बूथ और मंडल स्तर तक मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी. इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बनाना और पार्टी की गतिविधियों को अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाना भी महत्वपूर्ण होगा.
भाजपा में चल रही संगठनात्मक नियुक्तियों को आगामी तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. ऐसे में पिछड़ा वर्ग मोर्चा की नई टीम आने वाले समय में पार्टी की जमीनी गतिविधियों को किस तरह आगे बढ़ाती है, इस पर राजनीतिक गलियारों की नजर बनी रहेगी.









