डेस्क। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे देशवासियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून इस वर्ष सामान्य तिथि से पहले केरल पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल तट पर दस्तक देता है, लेकिन अनुकूल मौसमीय परिस्थितियों के चलते इसके समय से पहले सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।
केरल में तेजी से बढ़ रही मानसूनी गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्व अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां पहले ही पहुंच चुकी हैं।
अगले कुछ दिनों में मानसून के दक्षिण-पश्चिम अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने 28 मई से 3 जून के बीच केरल के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई है।
राहत के साथ बढ़ता है बीमारियों का खतरा
मानसून गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इसके साथ कई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी लेकर आता है। बारिश के मौसम में वातावरण में नमी और आर्द्रता बढ़ने से बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और अन्य सूक्ष्म जीव तेजी से पनपते हैं।
यही वजह है कि इस मौसम में वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, पेट के संक्रमण, फूड पॉइजनिंग और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कई बार इन बीमारियों के लक्षण देर से सामने आते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
मानसून में स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये उपाय
1. खानपान पर विशेष ध्यान दें
बारिश के मौसम में बाहर का भोजन और जंक फूड खाने से बचें। ताजे फल, सब्जियां और घर का बना भोजन प्राथमिकता दें। पत्तेदार सब्जियों को पकाने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है।
2. केवल साफ और सुरक्षित पानी पिएं
मानसून में पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं और बाहर के असुरक्षित जल स्रोतों से बचें।
3. हाथों की स्वच्छता बनाए रखें
खाना खाने से पहले और बाहर से आने के बाद साबुन से हाथ धोना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर सैनिटाइजर का उपयोग करें।
4. घर और आसपास सफाई रखें
घर के आसपास पानी जमा न होने दें। रुका हुआ पानी मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल वातावरण बनाता है, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ता है।
5. पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें
मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनना बेहतर माना जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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