माता वैष्णो देवी यात्रा के मुख्य पड़ाव कटड़ा में शनिवार की देर रात अचानक एक दर्दनाक हादसा हो गया. सेरली स्थित हैलीपैड परिसर में अचानक आग की तेज लपटें उठने लगीं, जिससे वहां काम कर रहे कर्मचारियों और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया. देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घटना की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड को दी गई.
सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां, पुलिस बल और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के कर्मचारी बिना किसी देरी के राहत कार्य के लिए मौके पर पहुंचे. तीनों टीमों ने मिलकर संयुक्त रूप से आग बुझाने का अभियान शुरू किया. लपटें काफी तेज थीं, इसलिए आग पर पूरी तरह काबू पाने में काफी समय लगा. लगभग रात भर चली कड़ी मशक्कत के बाद रविवार सुबह तक आग को पूरी तरह से बुझाया जा सका.
टर्मिनल का कीमती सामान खाक, राहत की बात - कोई हताहत नहीं
इस भीषण अग्निकांड में हैलीपैड का टर्मिनल भवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इमारत के भीतर रखे कई कम्प्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नेटवर्क सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर पूरी तरह राख हो गए. इस घटना से लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.
हालांकि, सबसे राहत की बात यह रही कि इस पूरे हादसे में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ. अग्निकांड के समय टर्मिनल में लोगों की मौजूदगी न के बराबर थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. शुरुआती जांच के आधार पर माना जा रहा है कि आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है. फिर भी, किसी साजिश या अन्य तकनीकी खराबी की आशंका को खारिज न करते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है.
सुरक्षा जांच के बाद बहाल हुई सांझीछत हैलीकॉप्टर सेवा
रविवार की सुबह इस आगजनी का असर कटड़ा से सांझीछत जाने वाली हैलीकॉप्टर सेवाओं पर भी देखने को मिला. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने उड़ानों को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया था.
इसके बाद संबंधित अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने हैलीपैड परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया. पूरे इलाके को सुरक्षित घोषित करने और व्यवस्था दुरुस्त करने के बाद, सुबह करीब 8:30 बजे हैलीकॉप्टर सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया गया. सेवा चालू होते ही श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और दर्शन के लिए अपनी आगे की यात्रा शुरू की.









