तेल कंपनियों ने मार्च 2026 से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर के नए कनेक्शन जारी नहीं किए हैं. ऐसे में जो लोग नए कनेक्शन के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है. हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि यह फैसला स्थायी नहीं है.
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम अस्थायी तौर पर उठाया गया है. फिलहाल सरकार का फोकस मौजूदा LPG उपभोक्ताओं को बिना परेशानी रिफिल उपलब्ध कराने पर है.
पुराने ग्राहकों पर रहेगा फोकस
सरकार और तेल कंपनियां पहले से LPG इस्तेमाल कर रहे उपभोक्ताओं की जरूरत पूरी करने को प्राथमिकता दे रही हैं. लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आए कुछ पुराने कनेक्शनों को दोबारा एक्टिव किया जा रहा है, ताकि उपलब्ध LPG का बेहतर इस्तेमाल हो सके और जरूरतमंद लोगों तक सप्लाई पहुंचाई जा सके.
इसके अलावा ग्राहकों से KYC अपडेट कराने के लिए भी कहा जा रहा है. इससे फर्जी या एक से ज्यादा LPG कनेक्शन रखने वाले मामलों की पहचान करने में मदद मिलेगी और असली उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई बेहतर तरीके से पहुंचाई जा सकेगी.
LPG सप्लाई पर सरकार की नजर
पश्चिम एशिया में तनाव के चलते इंटरनेशनल LPG सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. LPG लेकर भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही और आगे की सप्लाई की स्थिति में बदलाव संभव है. इसी वजह से सरकार और तेल कंपनियां देश में LPG के स्टॉक और सप्लाई की लगातार निगरानी कर रही हैं.
फिलहाल देश में LPG सप्लाई को सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का कितना असर पड़ेगा, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है.
नया कनेक्शन नहीं मिल रहा तो क्या करें?
14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर नहीं मिलने पर उपभोक्ता छोटे LPG सिलेंडर का विकल्प देख सकते हैं. कुछ शहरों में 5 और 10 किलोग्राम के FTL यानी Free Trade LPG सिलेंडर उपलब्ध हैं. हालांकि, इनकी कीमत, उपलब्धता और बुकिंग से जुड़े नियम अलग-अलग शहरों और डिस्ट्रीब्यूटर के अनुसार बदल सकते हैं.
नए कनेक्शन कब से मिलेंगे?
सरकार ने अभी नए घरेलू LPG कनेक्शन दोबारा शुरू करने की कोई तय तारीख नहीं बताई है. मंत्रालय के मुताबिक मौजूदा रोक अस्थायी है और LPG की उपलब्धता और सप्लाई सामान्य होने पर नए कनेक्शन फिर से जारी किए जा सकते हैं. फिलहाल नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वालों को सरकार या तेल कंपनियों की अगली आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा.







