सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले के बाद भारतीय रेलवे ने आम यात्रियों के हित में बड़ा कदम उठाया है. अब 27 अक्टूबर से रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर (PRS) से रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को भी 'ऑप्शनल ट्रैवल इंश्योरेंस स्कीम' (OTIS) की सुविधा मिलेगी. रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में देश के सभी जोनल रेलवे को तुरंत तैयारियां पूरी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 6 अक्टूबर को 'यूनियन ऑफ इंडिया बनाम राधा यादव' मामले में दिए गए आदेश के तहत लिया गया है.
प्रीमियम का खर्च और मिलने वाले फायदे: इस योजना का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को प्रति सीट सिर्फ 45 पैसे का मामूली प्रीमियम देना होगा. इस छोटे से खर्च में यात्रियों को कई बड़ी सुरक्षा सुविधाएं मिलेंगी. दुर्घटना की स्थिति में स्थायी आंशिक विकलांगता होने पर 7.5 लाख रुपये तक का मुआवजा तय किया गया है. इसके अलावा अस्पताल में इलाज के खर्च के लिए 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद मिलेगी और शव को घर ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक की राशि दी जाएगी.
कैसे काम करेगी यह व्यवस्था: रेलवे बोर्ड ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि यह बीमा लेना या न लेना पूरी तरह से यात्री की अपनी पसंद पर निर्भर करेगा. यह व्यवस्था बाध्यकारी नहीं है. स्टेशन पर टिकट बुक करते समय रिजर्वेशन स्टाफ को यात्री से पूछना होगा कि वे बीमा लेना चाहते हैं या नहीं. यात्री की सहमति मिलने के बाद ही इसे टिकट में जोड़ा जाएगा.







