नई दिल्ली/खबर डिजिटल/ देश के कई राज्यों में जल्द ही राज्यपालों की नियुक्ति और बदलाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने की चर्चा है। सियासी गलियारों में यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले कुछ दिनों में कई राज्यों के लिए नए राज्यपालों के नाम तय किए जा सकते हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और ज्यादातर चर्चाएं राजनीतिक स्तर पर चल रही हैं।
कई राज्यों में होगा बदलाव!
सूत्रों के अनुसार, भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर नई टीम के गठन के बाद राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी है। पार्टी के शीर्ष स्तर पर कई नामों को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है। इनमें उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश में राज्यपाल परिवर्तन की चर्चा
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल पद में बदलाव को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। मौजूदा राज्यपाल लंबे समय से संवैधानिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं और अलग-अलग राज्यों में राज्यपाल के रूप में कार्य कर चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक यूपी में नए राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर भी मंथन चल रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक केंद्र सरकार या राष्ट्रपति भवन की ओर से कोई आधिकारिक संकेत या घोषणा नहीं की गई है।
कर्नाटक के लिए तेजतर्रार चेहरे की तलाश
कर्नाटक में भी राज्यपाल पद पर बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों का दावा है कि बेंगलुरु के राजभवन के लिए भाजपा के एक प्रभावशाली और तेजतर्रार नेता का नाम अंतिम चरण के विचार-विमर्श में है। चर्चा यहां तक है कि संबंधित नेता को नई संवैधानिक जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी की सक्रिय राजनीति से अलग होना पड़ सकता है। हालांकि, नाम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मध्यप्रदेश के नए राज्यपाल के नाम पर भी मंथन पूरा?
मध्यप्रदेश में भी नए राज्यपाल की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। सूत्रों के मुताबिक शीर्ष स्तर पर संभावित नाम पर विचार लगभग पूरा हो चुका है और अंतिम मंजूरी के बाद इसकी घोषणा की जा सकती है। मध्यप्रदेश की राजनीति में इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्यपाल का पद संवैधानिक होने के साथ-साथ केंद्र और राज्य के राजनीतिक समीकरणों में भी अहम भूमिका रखता है।
सबसे ज्यादा चर्चा में तमिलनाडु के राज्यपाल का नाम
राज्यपालों की संभावित नियुक्तियों में सबसे ज्यादा मंथन तमिलनाडु को लेकर होने की चर्चा है। चेन्नई स्थित राजभवन के लिए जिस नाम पर विचार चल रहा है, वह भाजपा के कई बड़े नेताओं को भी चौंका सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस पद के लिए ऐसा नाम सामने आने की संभावना है, जिसकी राजनीतिक नियुक्ति को लेकर पार्टी और राष्ट्रीय राजनीति में व्यापक चर्चा हो सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला होने तक किसी भी नाम की पुष्टि संभव नहीं है।
जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि विभिन्न राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति और बदलाव को लेकर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच सकती है। आने वाले दिनों में राष्ट्रपति भवन की ओर से औपचारिक नियुक्तियों की घोषणा होने के बाद पूरी तस्वीर साफ होगी। फिलहाल उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों को लेकर सियासी अटकलें तेज हैं। साथ ही भाजपा के पार्लियामेंट्री बोर्ड में संभावित फेरबदल की चर्चाओं ने राजनीतिक हलचल और बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें केंद्र के अगले फैसले और आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।
बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्यों को मिल सकती है नई जिम्मेदारी
राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक भाजपा के पार्लियामेंट्री बोर्ड के दो सदस्यों को राज्यपाल की जिम्मेदारी देकर राज्यों में भेजे जाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी चर्चा के स्तर पर है और अंतिम फैसला होना बाकी है। इसके साथ ही पार्लियामेंट्री बोर्ड की मौजूदा संरचना में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि बोर्ड के पांच सदस्यों तक को बदला जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो भाजपा के शीर्ष संगठनात्मक ढांचे में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।









