बैतूल/सचिन जैन/खबर डिजिटल/ श्री सागौन वाले बाबा दरबार निराला समिति के तत्वावधान में प्रतिवर्षानुसार 12 नवम्बर, बुधवार को भैरव जयंती धूमधाम से मनाई गई। बाबा काल भैरव को परंपरागत मदिरा का भोग लगाने के साथ मिठाई, हार नारियल अर्पित किया गया। भक्तों ने भक्तिभाव के साथ अपनी मनोकामना मांगी, वहीं रात में काल भैरव के जन्म के समय भी विशेष पूजा अर्चना की जाएगी।
समिति के संयोजक ने दी जानकारी
इस संबंध में समिति के अनिल कुबड़े ने बताया कि परशुराम चौक पर भगवान श्री बटुककनाथ काल भैरव का अभिषेक, हवन-पूजन और श्रृंगार उत्सव का आयोजन किया गया। कुबड़े ने बताया कि शैव धर्म में, भैरव शिव के विनाश से जुड़ा एक उग्र अवतार हैं। त्रिक प्रणाली में भैरव परम ब्रह्म के पर्यायवाची, सर्वोच्च वास्तविकता का प्रतिनिधित्व करते हैं। आमतौर पर हिंदू धर्म में, भैरव को दंडपाणि (जिसके हाथ में दण्ड हो) और स्वस्वा (जिसका वाहन कुत्ता है) भी कहा जाता है। वह पूरे भारत और नेपाल में भी पूजे जाते हैं। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर भंडारा प्रसादी का लाभ लिया।
हर साल इसी तरह का रहता है उत्साह
काल भैरव अष्टमी के मौके पर हर साल पूजा-पाठ के साथ महाभंडारे का आयोजन किया जाता है, उसी कड़ी में इस साल भी भंडारा रखा गया, जिसमें सैकड़ों ने प्रसाद पाकर बाबा से अपने मन की मुराद मांगी।







