नई दिल्ली/खबर डिजिटल/ सोशल मीडिया पर शुरू हुई ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ की मुहिम अब सड़कों तक पहुंच गई है। आंदोलन से जुड़े लोगों ने शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई। प्रदर्शन में देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे ऐसे लोग शामिल हुए, जो सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में जाति आधारित आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन में कुछ हिंदुत्ववादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी शामिल बताए गए।
पुलिस ने नहीं दी आंदोलन की अनुमति
हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। शाम के समय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन से काफी समय तक मांग की, लेकिन प्रशासन की तरफ साफ संदेश दिया गया कि इस तरह के आंदोलन के लिए अनुमति नहीं दी जा सकती ।
जाति की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए। उनकी मांग है कि आरक्षण का लाभ जाति के बजाय आर्थिक स्थिति और वास्तविक जरूरत के आधार पर दिया जाए। साथ ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मेरिट को अधिक प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई गई।
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आर्थिक रुप से मजबूत लोगों से सवाल
हरियाणा और आसपास के प्रदेशों के आए विद्यार्थियों ने कहा कि कि उनका विरोध उन लोगों को मिलने वाले आरक्षण से है, जो आर्थिक रूप से पहले ही सक्षम हैं, लेकिन जातिगत आधार पर आरक्षण का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना था कि आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों की अगली पीढ़ियों को भी आरक्षण का लाभ मिलने की व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए। स्टूडेंट्स के अनुसार, आरक्षित वर्ग से आने वाले लोग देश के सर्वोच्च संवैधानिक और प्रशासनिक पदों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में उसी वर्ग के कमजोर और आर्थिक रुप से पिछड़े लोगों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
आरक्षण खत्म करने से ज्यादा सुधार की मांग
हालांकि आंदोलन का नाम ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ रखा गया है, लेकिन प्रदर्शन में शामिल अधिकांश लोगों की मांग पूरी तरह से आरक्षण समाप्त करने की नहीं थी। प्रदर्शनकारियों का जोर मौजूदा व्यवस्था में सुधार, इसकी समय-समय पर समीक्षा और जरूरतमंद लोगों तक आरक्षण का लाभ सीमित करने पर रहा। प्रदर्शन के जरिए एक बार फिर देश में आरक्षण की व्यवस्था, इसके आधार और भविष्य को लेकर बहस तेज होती दिखाई दे रही है।
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