नाना पाटेकर जिंदगी को लेकर जितने बेबाक थे, उतनी ही साफ उनकी सोच मौत को लेकर भी थी. उन्होंने कई साल पहले ही सोच लिया था कि अगर अचानक उनकी मौत हो जाए, तो उनकी अंतिम विदाई किस तरह होनी चाहिए. यहां तक कि उन्होंने अंतिम संस्कार में इस्तेमाल होने वाली लकड़ियों तक का इंतजाम पहले से कर रखा था.
सितंबर 2023 में फिल्म 'द वैक्सीन वॉर' के प्रमोशन के दौरान 'आज तक' को दिए एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने अपनी मौत को लेकर ऐसी बात कही थी, जिसे सुनकर हर कोई कुछ पल के लिए खामोश रह गया था. उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी अंतिम यात्रा के लिए 12 मन लकड़ियां पहले से रखी हुई हैं.
नाना ने कहा था कि ये लकड़ियां सूखी हैं और उनके अंतिम संस्कार में इन्हीं का इस्तेमाल किया जाए. उन्होंने गीली लकड़ी इस्तेमाल न करने की बात कहते हुए इसकी वजह भी बेहद अलग अंदाज में बताई थी. उनका कहना था कि गीली लकड़ी से धुआं उठेगा और लोगों की आंखों से पानी आएगा. ऐसे में उन्हें मरने के बाद यह गलतफहमी हो सकती है कि लोग उनके लिए रो रहे हैं. नाना ने मजाकिया लेकिन गहरी बात कहते हुए कहा था कि कम से कम मौत के वक्त उन्हें ऐसी गलतफहमी नहीं होनी चाहिए.
मौत को लेकर नाना की सोच थी बिल्कुल अलग
नाना पाटेकर मौत को जिंदगी का आखिरी पड़ाव जरूर मानते थे, लेकिन उनके लिए यह एक ऐसी सच्चाई थी जिसे हर इंसान को स्वीकार करना चाहिए. उनका मानना था कि दुनिया में कुछ भी हमेशा के लिए नहीं रहता. इंसान के जाने के बाद जिंदगी अपनी रफ्तार से आगे बढ़ती रहती है और लोग भी धीरे-धीरे अपनी जिंदगी में लौट जाते हैं.
जिस बात को नाना ने कुछ साल पहले सिर्फ एक बातचीत के दौरान साझा किया था, वही बात अब उनकी जिंदगी के आखिरी सफर से जुड़ गई है. 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर ने 8 अक्टूबर को गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में आखिरी सांस ली.
45 मिनट तक डॉक्टरों ने बचाने की कोशिश की
नाना पाटेकर को उनके अपार्टमेंट में बेहोशी की हालत में पाया गया था. इसके बाद उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनकी हालत संभालने और धड़कन वापस लाने की पूरी कोशिश की.
सीनियर डॉक्टर डॉ. शेखर साल्कर के मुताबिक, नाना को करीब 45 मिनट तक लगातार CPR दिया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. जिस अभिनेता ने दशकों तक अपने अभिनय से पर्दे पर जान फूंकी, उनका सफर आखिरकार हमेशा के लिए थम गया.







