ग्रेटर नोएडा। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (बिमटेक) ने शनिवार को अपना 37वां वार्षिक दीक्षांत समारोह भव्यता के साथ इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड में आयोजित किया। इस मौके पर संस्थान के 713 छात्रों को उपाधियाँ प्रदान की गईं, जबकि 18 मेधावी विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए पदक और प्रमाणपत्रों से सम्मानित किया गया।
इस दीक्षांत समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने वर्चुअल माध्यम से शामिल होकर छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों से ऊपर अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा, "देश के सामने जो चुनौतियाँ हैं, उनका सामना केवल एकजुट होकर ही किया जा सकता है। भारत अब वैश्विक विकास का केंद्र बन चुका है और यह समय लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सशक्त करने का है।"
समारोह की अध्यक्षता बिमटेक गवर्निंग बोर्ड की अध्यक्षा श्रीमती जयश्री मोहता ने की। उन्होंने अपने संबोधन में दीक्षांत समारोह को "सीखने और आत्म-परिवर्तन का उत्सव" बताया और विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे समावेशिता, ईमानदारी और प्रभाव के मूल्यों को जीवन में अपनाएं।
संस्थान की निदेशक डॉ. प्रवीणा राजीव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिमटेक का शैक्षणिक वातावरण उन्हें जियो-पॉलिटिकल और तकनीकी बदलावों के लिए तैयार करता है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे नवाचार, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें।
इस मौके पर खैतान एंड कंपनी के वरिष्ठ साझेदार श्री नंद गोपाल खैतान ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, "आप सभी को मेहनत के साथ-साथ विश्वसनीयता का भी निर्माण करना होगा। अपने व्यक्तित्व को ऐसा बनाइए कि समाज उसमें तितली की तरह आकर्षण देखे।"
बिमटेक द्वारा आयोजित इस दीक्षांत समारोह में PGDM, PGDM (रिटेल मैनेजमेंट), PGDM (इंश्योरेंस बिजनेस मैनेजमेंट), PGDM (इंटरनेशनल बिजनेस), PGDM-ऑनलाइन और फेलोशिप प्रोग्राम इन मैनेजमेंट के छात्रों को डिग्री प्रदान की गई।
AACSB मान्यता प्राप्त करने के बाद बिमटेक अब विश्वस्तरीय B-स्कूलों की अग्रिम पंक्ति में शामिल हो चुका है। 9000+ एल्युमनाई के मजबूत वैश्विक नेटवर्क के साथ यह संस्थान प्रबंधन शिक्षा में उत्कृष्टता की मिसाल बनता जा रहा है।







