Monthly Archives: September, 2026

CM Mohan Yadav: दिल्ली में क्यों नितिन नबीन से मिले CM मोहन यादव, इन बड़े मुद्दों पर हुई अहम चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से सौजन्य मुलाकात की. इस दौरान मध्यप्रदेश के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित योजनाओं की प्रगति और सरकार की गतिविधियों की जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी.

Pension Yojana: हर महीने ₹210 जमा करें, 60 की उम्र के बाद पाएं ₹5,000 पेंशन, जानें पूरा नियम
अटल पेंशन योजना के जरिए पात्र लोग कम उम्र से नियमित योगदान करके 60 वर्ष की उम्र के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक की मासिक पेंशन पा सकते हैं. 18 वर्ष की उम्र में ₹5,000 पेंशन के लिए करीब ₹210 मासिक योगदान से शुरुआत की जा सकती है. योजना में शामिल होने के लिए उम्र, आयकरदाता होने और बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते से जुड़े नियम लागू होते हैं.

PM Kisan 24th Kist: इस महीने किसानों के खाते में आएंगे ₹2,000, 24वीं किस्त पर बड़ा अपडेट
PM Kisan Yojana की 24वीं किस्त का किसानों को बेसब्री से इंतजार है. पिछली 23वीं किस्त जून 2026 में जारी हुई थी, जिसके बाद अब अक्टूबर में अगली किस्त आने की संभावना जताई जा रही है. पात्र किसानों के खाते में ₹2,000 ट्रांसफर किए जाएंगे. हालांकि, आधिकारिक तारीख का ऐलान अभी नहीं हुआ है. किस्त पाने के लिए ई-केवाईसी और जमीन का सत्यापन पूरा होना जरूरी है.

बिजली बिल नहीं भरा तो नगर पालिका का कनेक्शन कटा, मोबाइल की टॉर्च से काम करते दिखे कर्मचारी
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर बिजली कंपनी ने नगर पालिका कार्यालय का कनेक्शन काट दिया. कार्यालय पर करीब 8.25 लाख रुपये का बकाया है, जबकि स्ट्रीट लाइट, भवन और अन्य कनेक्शनों को मिलाकर नगर पालिका का कुल बिजली बकाया 3 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है.

MP में राहुल गांधी की एंट्री से पहले गरमाई सियासत, CM मोहन यादव ने कहा- जनता को कांग्रेस के पुराने शासन का हिसाब दें
राहुल गांधी के प्रस्तावित मध्यप्रदेश दौरे से पहले प्रदेश की सियासत गरमा गई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी का स्वागत करते हुए उन्हें कांग्रेस के लंबे शासनकाल का हिसाब जनता के सामने रखने की सलाह दी. सीएम ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पुराने शासनकाल की नीतियों पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि आजादी के बाद करीब 55 वर्षों में मध्यप्रदेश में केवल पांच मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए थे.




