छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों पर बढ़ते बिजली बिल के बकाये को लेकर बिजली कंपनी ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है. इसी कार्रवाई के तहत खैरागढ़ नगर पालिका कार्यालय का बिजली कनेक्शन काट दिया गया. बिजली बंद होने के बाद कार्यालय का सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ और कर्मचारियों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर जरूरी काम निपटाते देखा गया. नगर पालिका कार्यालय पर करीब 8 लाख 25 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया बताया जा रहा है. वहीं स्ट्रीट लाइट, भवन और अन्य कनेक्शनों को शामिल करने पर कुल बकाया राशि 3 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है.
बिजली गुल होते ही ठप पड़ा कामकाज
मंगलवार सुबह नगर पालिका कार्यालय की बिजली काटे जाने के बाद वहां अचानक अव्यवस्था की स्थिति बन गई. कार्यालय में अंधेरा होने के कारण कर्मचारियों को मोबाइल की फ्लैश लाइट के सहारे काम करना पड़ा. अपने जरूरी काम के लिए नगर पालिका पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.
बिजली कंपनी के मुताबिक नगर पालिका पर लंबे समय से बिजली बिल की रकम बकाया है. केवल कार्यालय के कनेक्शन का बकाया करीब 8.25 लाख रुपये है. इसके अलावा स्ट्रीट लाइट, नगर पालिका भवन और अन्य विद्युत कनेक्शनों का बिल जोड़ने पर बकाया राशि 3 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच जाती है.
प्रीपेड व्यवस्था के बाद तेज हुई कार्रवाई
प्रदेश में 1 अगस्त से ब्लॉक स्तर और उससे ऊपर के सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू की गई है. इसके बाद बिजली कंपनी ने बकाया राशि की वसूली को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है. विभाग का कहना है कि कनेक्शन काटने की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑटोमेटिक सिस्टम के माध्यम से की जा रही है.
विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता आलोक दुबे ने बताया कि फिलहाल आम जनता की सुविधा को देखते हुए स्ट्रीट लाइट और नल कनेक्शन को राहत दी गई है. हालांकि नगर पालिका कार्यालय का कनेक्शन बकाया राशि जमा होने तक बहाल नहीं किया जाएगा. विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में दूसरे बकायादार सरकारी कार्यालयों पर भी इसी तरह की कार्रवाई हो सकती है.
बिजली कटने पर कांग्रेस ने घेरा सरकार को
नगर पालिका की बिजली कटने का मामला सामने आते ही कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोल दिया. शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अरुण भारद्वाज के नेतृत्व में विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन सहित पार्टी कार्यकर्ता नगर पालिका कार्यालय पहुंचे.
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार और नगर पालिका अध्यक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि नगर पालिका में भाजपा का नेतृत्व है और प्रदेश से लेकर केंद्र तक भाजपा की सरकार है. इसके बावजूद बिजली बिल का भुगतान नहीं होने के कारण नगर पालिका का कनेक्शन काट दिया गया. कांग्रेस ने इस मामले को शर्मनाक बताते हुए नगर पालिका अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की.
फिलहाल बिजली कटने से नगर पालिका का कामकाज प्रभावित है और कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि बकाया बिल कब जमा किया जाता है और कार्यालय की बिजली व्यवस्था कब बहाल होती है.







