मध्य प्रदेश युवा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष यश लखन घनघोरिया ने एक प्रेस वार्ता में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर अब तथ्य सामने आ रहे हैं।
घनघोरिया का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्णयों पर खुद चुनाव आयुक्तों ने दर्जनों असहमतियां जताई हैं, जिससे आयोग की निष्पक्षता पूरी तरह संदिग्ध हो चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में 50,05,850 सरकारी पद खाली होने के बावजूद सरकार भर्ती नहीं कर रही है, क्योंकि उन्हें लगता है कि वे वोटों में हेरफेर करके सत्ता में बने रह सकते हैं। युवा कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के तुरंत इस्तीफे और उन पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रेस वार्ता के दौरान यश लखन घनघोरिया ने कहा कि देश में पहले पेपर लीक के मामले सामने आते थे, लेकिन अब 'वोट लीक' के सबूत मिलने लगे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नागरिकों को अपने वोट की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भरोसा नहीं रहेगा, तो लोकतंत्र बेहद कमजोर हो जाएगा। इसलिए युवा कांग्रेस केवल रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य ही नहीं,
बल्कि नागरिकों के मताधिकार की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरे जोर-शोर से आंदोलन करेगी। इस अवसर पर युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सोनू कुकरेले, ग्रामीण अध्यक्ष शुभम श्रीवास्तव, पारस जैन, सागर शुक्ला, अदनान अंसारी, यावर चौधरी, उवेश अंसारी, अभियुक्त बाजपेयी, नितिन सिंह और सौरभ सिंह सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने दी आंदोलन की चेतावनी
जबलपुर की पूर्व विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री लखन घनघोरिया ने शहर की कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध, अवैध शराब, जुआ-सट्टा और नशे के कारोबार को लेकर पुलिस प्रशासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि थाना स्तर पर फरियादियों की शिकायतों एवं FIR दर्ज करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए तथा थानों में आए नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। साथ ही, शहर में बढ़ते साइबर फ्रॉड पर रोक लगाने, वरिष्ठ नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने, अवैध वसूली व जुआ-सट्टा संचालित करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और आधारताल क्षेत्र के मंदिर से हुई मूर्ति चोरी का शीघ्र खुलासा करने का आग्रह किया है।
पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि इन गंभीर जनसमस्याओं और शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था पर समयबद्ध व सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्हें जनहित में लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसी का विरोध करना नहीं, बल्कि शहर में कानून का राज स्थापित करना, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा जबलपुर में शांति, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है।







