मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में धार्मिक पर्यटन के आर्थिक फायदों पर जोर देते हुए कहा कि काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों पर जब श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलता है. उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों की वजह से वहां के टैक्सी ड्राइवरों, होटल मालिकों, छोटे-बड़े दुकानदारों और अन्य स्थानीय व्यवसायियों के लिए कमाई के नए रास्ते खुलते हैं.
इसके साथ ही, उन्होंने राज्य के युवाओं से एकजुट होने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया. उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे मतदाता सूची में अपना नाम जरूर दर्ज कराएं और चुनाव के समय अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें. मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि हमारे देश में जितने लोकतांत्रिक अधिकार महत्वपूर्ण हैं, उतने ही नागरिक कर्तव्य भी मायने रखते हैं.
युवाओं को एक सही दृष्टिकोण देने के प्रयास में उन्होंने कहा कि उन्हें पिछली सरकारों के कार्यकाल और वर्तमान सरकार की नीतियों व उपलब्धियों की तुलना खुद करनी चाहिए. इस तुलनात्मक अध्ययन से वे अपने और प्रदेश के भविष्य के लिए एक समझदारी भरा निर्णय ले सकेंगे.
साल 2047 तक भारत को एक पूरी तरह से विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस सपने को साकार करने की असली जिम्मेदारी युवा शक्ति के कंधों पर है. उन्होंने राज्य के युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सिर्फ नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि खुद के उद्यम शुरू करके दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम बनें. इस तरह वे न केवल अपने पैरों पर खड़े होंगे, बल्कि उत्तर प्रदेश की समग्र विकास यात्रा में भी अपना बहुमूल्य योगदान देंगे.







