MP Rajya Sabha: मध्यप्रदेश की तीन खाली हो रही राज्यसभा सीटों के लिए शह और मात का खेल शुरू हो चुका है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जून 2026 में होने वाले मतदान की तारीखों के एलान के बाद से ही दोनों खेमों में गुणा-भाग तेज है। इसी कड़ी में सबसे बड़ी राजनैतिक खबर देश की राजधानी दिल्ली से सामने आ रही है, जहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से एक बेहद अहम और बंद कमरे में मुलाकात की है।
तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगी भाजपा?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा अपने अतिरिक्त वोटों के दम पर तीसरी सीट के लिए भी उम्मीदवार खड़ा कर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा सकती है। लेकिन सूत्रों के हवाले से जो बड़ी खबर छनकर आ रही है, उसके मुताबिक दिल्ली में हुई बैठक में प्रदेशाध्यक्ष को केंद्रीय नेतृत्व से आदेश मिला है कि भाजपा केवल अपनी दो सुरक्षित सीटों पर ही प्रत्याशी उतारेगी और तीसरी सीट पर कोई अतिरिक्त उम्मीदवार खड़ा कर चुनावी जंग को त्रिकोणीय नहीं बनाएगी।
कमलनाथ के लिए राहत
अगर भाजपा यह कदम उठाती है, तो कांग्रेस की ओर से सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का बिना किसी रुकावट और टेंशन के राज्यसभा पहुंचना पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएगा। इससे कांग्रेस के अंदर ही अंदर सुलग रहा क्रॉस वोटिंग का डर भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
खंडेलवाल ने सौंपी 12 दिग्गजों की लिस्ट
ऐसा नहीं है कि यह मुलाकात केवल औपचारिक थी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल अपने साथ मध्य प्रदेश भाजपा के एक दर्जन से अधिक कद्दावर नेताओं के नामों का एक बंद लिफाफा लेकर दिल्ली गए थे। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय पदाधिकारियों को सौंपी गई इस दावेदारों की सूची में वर्तमान नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य और पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया जैसे हाई-प्रोफाइल नाम सबसे आगे चल रहे हैं। इनके अलावा करीब 10 से 12 अन्य चेहरों के नामों पर भी दिल्ली दरबार में मंथन हुआ है।
क्या निर्विरोध होगा फैसला?
विधानसभा के मौजूदा गणित के हिसाब से भाजपा के पास दो सीटें जीतने लायक पर्याप्त बहुमत है, जबकि एक सीट कांग्रेस के पाले में जानी तय है। यदि भाजपा तीसरे उम्मीदवार के रूप में किसी को मैदान में नहीं उतारती है, तो चुनाव की नौबत ही नहीं आएगी और नामांकन वापसी की तारीख के बाद तीनों प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए जाएंगे। बहरहाल, हेमंत खंडेलवाल की इस दिल्ली दौड़ और बीएल संतोष व नितिन नवीन के साथ हुई मंत्रणा के बाद अब गेंद पूरी तरह दिल्ली हाईकमान के पाले में है। बहुत जल्द ही भाजपा अपने दोनों अधिकृत उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर सस्पेंस खत्म कर सकती है।







