बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती दबाव के कारण उत्तर प्रदेश का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. शुक्रवार सुबह से ही लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, उन्नाव और जौनपुर समेत राज्य के 20 से अधिक शहरों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है. राजधानी लखनऊ में तो बीते 20 घंटों से लगातार हल्की बौछारों और तेज रफ्तार हवाओं के चलने से मौसम में अच्छी-खासी ठंडक आ गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात से तैयार हुआ मानसूनी तंत्र अब पूर्वी यूपी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. यही वजह है कि पूर्वांचल और अवध के क्षेत्रों में बदरा जमकर बरस रहे हैं, जबकि आने वाले 24 घंटों के भीतर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम का रुख बदलने की पूरी संभावना है.
13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
प्रदेश भर में 27 सितंबर तक तूफानी हवाओं के साथ बारिश की यह गतिविधि बनी रहने का अनुमान है. बिगड़ते मौसम को देखते हुए विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या जैसे 13 जिलों में भीषण बारिश की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके अतिरिक्त 29 जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट दिया गया है, वहीं 52 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ चलने की चेतावनी दी गई है. आंकड़ों पर नजर डालें तो गुरुवार शाम तक प्रयागराज में 26 मिमी, सुल्तानपुर में 20.8 मिमी, अमेठी में 19.8 मिमी और गोरखपुर में 14.2 मिमी पानी गिरा, जबकि अयोध्या, गाजीपुर, बलिया, सोनभद्र और महाराजगंज में मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की गई.
तापमान में गिरावट और मानसून की वापसी के संकेत
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 25 और 26 सितंबर को कई अंचलों में मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं, जिसका असर 27 सितंबर तक बना रहेगा. इस मानसूनी हलचल की वजह से अगले चार दिनों के दौरान पारा 4 डिग्री तक गिर सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी. मौसम विभाग का यह भी कहना है कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून पीछे हट चुका है, जिससे अब यूपी से भी मानसून की विदाई के लिए मुफीद स्थितियां तैयार हो रही हैं. लौटता हुआ यह मानसून 27 और 28 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश कराता रहेगा. गौरतलब है कि इस सीजन में अब तक उम्मीद के मुताबिक 726.1 मिमी की तुलना में 6 फीसदी कम यानी 680.3 मिमी ही बारिश रिकॉर्ड की गई है.







